यात्रियों की परेशानी:जीएम से टाटा-गुआ सवारी गाड़ी व टाटा-बड़बिल ईएमयू ट्रेन दोबारा चालू करने की फरियाद

नोवामुंडीएक महीने पहले
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  • दक्षिण-पूर्व रेलवे महाप्रबंधक ने बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण, जिप सदस्य ने मांग पत्र सौंप कर समस्या समाधान की मांग की

दक्षिण पूर्व रेलवे महाप्रबंधक अर्चना जोशी ने सोमवार को अपने एक दिवसीय दौरे में बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन पहुंच कर बड़ा जामदा के प्लेटफॉर्म का निरीक्षण किया और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

इस दौरान करीब आधे घंटे रुक कर संबधित अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक के आगमन की सूचना मिलते ही जिला परिषद सदस्य सह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष शंभु हाजरा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने महाप्रबंधक का बुके देकर स्वागत किया।

महाप्रबंधक से भेंटवार्ता के दौरान शिष्ट मंडल ने बड़ाजामदा रेलवे प्लेटफॉर्म संख्या दो से रेलवे साइडिंग यार्ड तक रेलवे फूट ओवरब्रिज निर्माण कराने, काफी दिनों से बंद टाटा गुवा सवारी गाड़ी व टाटा बड़बिल ईएमयू ट्रेन दोबारा चालू करने से संबधित मांग पत्र सौंपा इसके साथ जल्द समाधान करने की मांग की।

रेलवे जीएम से वार्ता के दौरान कहा-बड़ाजामदा में रेलवे से संबंधित तीन मुद्दों को लेकर कई बार लगाई गुहार, पर नहीं सुनी

शंभु हाजरा ने रेलवे जीएम से वार्ता के दौरान कहा-बड़ाजामदा में रेलवे से संबंधित तीन मुद्दों को लेकर 2017 से रेलवे के चक्रधरपुर डीआरएम और कोलकाता के जीएम को कई बार मांग पत्र सौंपा जा चुका है। इसके बावजूद रेलवे की ओर से इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि दो नंबर प्लेटफॉर्म से साइडिंग यार्ड तक फुट ओवरब्रिज नहीं होने के कारण पंडरासाली,दिरीबुरु, पताहातु, नयागांव, टंकीसाई आदि इलाके के लोगों को रेलवे लाइन पार कर स्टेशन फ्लेटफॉर्म की ओर जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर स्कूली बच्चे शहरी क्षेत्र में संचालित स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। इन्हें माता पिता को स्कूल जाने और लौटने के दौरान रेलवे लाइन पार कराने के लिए घंटों रेल पटरी के निकट इंतजार करना पड़ता है।

अप या डाउन लाइन पर मालगाड़ी खड़ी रहने पर स्कूली बच्चों एवं महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कहा- कोरोना काल के बाद फिलहाल सभी जगह धार्मिक स्थल और यात्री वाहनों का परिचालन शुरू हो चुका है। इस स्थिति में दोनों सवारी गाड़ी को फिर से चलाने के अनुमति दी जाए। सवारी गाड़ी के बिना यात्रियों को अधिक किराया देकर यात्री बस में सफर करना पड़ रहा है।

उन्होंने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए फिर से सवारी गाड़ी चालू करने की मांग की है। बताया कि यह क्षेत्र माइनिंग बेल्ट होने के कारण केंद्र और राज्य सरकार को सालाना अरबों रुपए का राजस्व मिल रही है फिर भी यहां के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रेलवे महाप्रबंधक ने सारी समस्यों को सुनने के बाद इसे गंभीरता से लेने का आश्वासन देकर बड़बिल के लिए विशेष सैलून में सवार होकर निकल गईं। जीएम से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल में गोबर्धन चौरासिया, बिनोद साहू, मनोज सुल्तानिया, बसंत गुप्ता, प्रकाश गुप्ता, प्रफुल्ल महाकुड़ आदि मौजूद थे।

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