शाह ब्रदर्स करमपदा माइंस का मामला:पीएफ, ग्रेच्युटी व फाइनल की मांग पर छठे दिन भी की हड़ताल, लाखों का नुकसान

चाईबासा2 महीने पहले
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विरोध करते मजदूर। - Dainik Bhaskar
विरोध करते मजदूर।
  • कंपनी के खिलाफ मजदूरों ने खोला मोर्चा, अपनी मांगों पर अड़े

लगातार छह दिनों से करमपदा माइंस के मजदूर अपनी मांगों को लेकर रेलवे साइडिंग के काम को जाम कर रखा हुआ है। इससे पहले एक रेक को डेमरेज के साथ वापस लौट जाना पड़ा। अब तक शाह ब्रदर्स को लाखों का नुकसान हो चुका है, लेकिन मजदूरों को उनकी जायज मांग पूरा करने के लिए कोई पहल नहीं हुई है। इससे मजदूरों में भी काफी आक्रोश है और जबतक मांग पूरी नहीं होती तब तक किसी भी कीमत पर शाह ब्रदर्स को आइरन ओर जाने नहीं दिए जाने का मजदूरों ने फैसला लिया है।

बता दें राज्य सरकार ने 600 करोड़ का राजस्व मामले में 200 करोड़ की वसूली के साथ 2 महीने में जमा अयस्क को बेचने का समय दिया है, मगर 12-15 वर्षों से काम किए मजदूरों को 10000 से 12000 रु. ही भुगतान होने से नाराज मजदूर अब रेल जाम करने को बाध्य हो गए हैं। मजदूरों ने श्रम विभाग में भी अपील की मगर वहां भी कोई लाभ नहीं मिला और विधायक-सांसद भी उनका सुध लेने नहीं गए। ऐसे में मजदूरों को रेल जाम के अलावा कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा।

मजदूरों के आंदोलन के बीच झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के जिलाध्यक्ष मानसिंग तिरिया ने कहा-जबसे श्रम कानून में संशोधन हुआ है मजदूरों के सारे हक-अधिकार की लूट शुरू हो गई है। पीएफ, ग्रेच्युटी का जो लाभ मजदूरों को मिलना चाहिए, उसकी बंदरबांट की जा रही है।

जब हमलोग मजदूरों का आवाज उठाने का कोशिश करते हैं तो पुलिस प्रशासन रोक ले रही है। इसलिए आजाद देश में दोबारा और एक युद्ध होगा वो है भूख और गरीबी के बीच अमीरो के द्वारा लूटा जा रहा संपत्ति में हक़ अधिकार का। इसलिए जबतक हमलोगों को अधिकर नहीं मिलता हमारा यूनियन साथ देगी। बता दें शाह ब्रदर्स ने बहुत से ऐसे मजदूरों को काम पर रखा था जिनका आजतक मजदूर के रूप में पहचान पत्र नहीं है।

निर्णय लिया गया कि शाह ब्रदर्स मजदूरों को फूल एंड फाइनल का लाभ 15-20 लाख रु नहीं देती है तो एक सप्ताह के बाद उनके कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। मजदूरों को ग्रेजुएटी फुल एंड फाइनल का पैसा खाता में भेजने के नाम से मजदूर परेशान हो चुके हैं। खाता एंट्री कराते-कराते और बहुत सारे मजदूरों को ग्रेच्युटी नहीं मिली है। लोडिंग पॉइंट में बंदी शुक्रवार से लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

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