आक्रोश:कंपनी ने रात को ही किराए पर लाए 200 लोग, सेंट्रल प्ले ग्राउंड गेट में ताला जड़कर की सुनवाई, कोविड का हवाला देकर अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी

बड़बिल2 महीने पहले
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स्थानीय लोग सुबह से जनसुनवाई स्थल के बाहर इतेजार करते, जिन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। - Dainik Bhaskar
स्थानीय लोग सुबह से जनसुनवाई स्थल के बाहर इतेजार करते, जिन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।
  • जोड़ा ईस्ट आयरन माइंस की पर्यावरणीय जनसुनवाई का मामला, कार्यक्रम में अंदर नहीं प्रवेश देने का स्थानीय लोगों ने लगाया आरोप, कहा-

क्योंझर जिला के बड़बिल तहसील अंतर्गत टाटा स्टील की जोड़ा ईस्ट आयरन माइंस की उत्पादन क्षमता वृद्धि के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई मंगलवार को सम्पन्न हो गई। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आयोजित जनसुनवाई में केंदूझर जिला अतिरिक्त जिलापाल सुषमा बिलुंग की अध्यक्षता में और अंचल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पुष्कर चंद्र बेहेरा द्वारा परिचालन किया गया।

हालांकि जनसुनवाई आरम्भ होने से पहले से जनसुनवाई स्थल में लोग कुर्सियों में बैठे हुए थे। कंपनी के इस जनसुनवाई का विरोध कर रहे लोगों के अनुसार कंपनी ने जनसुनवाई के लिए पांच सौ से ज्यादा छोटी गाड़ियों को किराए पर लिया था। इनमें उनके चिन्हित लोगों को सोमवार रात ही जोड़ा लाकर मंगलवार भोर सुबह जनसुनवाई स्थल में बैठाकर बाहर से गेट में ताला लगा दिया गया।

जनसुनवाई सुबह 11 बजे शुरू हुई पर जनसुनवाई में अपना मत रखने आए लोगों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। काफी संख्या में मौजूद पुलिस बस व कंपनी के सुरक्षा गार्ड्स ने लोगों को कोविड में केवल 2 सौ लोगों के जनसुनवाई में शामिल होने का हवाला दिया और कहा कि दो सौ लोग पहले ही अंदर बैठ चुके हैं।

इसके बाद लगातार गेट के बाहर स्थानीय ने कंपनी के खिलाफ नारे बाजी की। जनसुनवाई में कुल 118 लोगों ने अपना मत रखा। जिनमें से अधिकांश कंपनी के समर्थन में अपने मत रखा। इधर, प्रभावित क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में लोग प्ले ग्राउंड के बाहर गेट के समक्ष टाटा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।

खनन में अनियमितता, ब्लास्टिंग से दीवारों में दरार आदि मुद्दों पर कहने को नहीं मिला

जोड़ा नपा वार्ड संख्या 3 निवासी बिजय महाकुड़ ने कहा -जनसुनवाई में अधिकांश कंपनी के ठेकेदार, ठेका श्रमिक और उनके पूर्व कर्मचारी थे। उनसे उनका आधार कार्ड देखने से सब पता चल गया। कंपनी अपनी प्रोजेक्ट के विरोध को देखते हुए जबरन जनसुनवाई करा रही है। जोड़ा क्षेत्र में काफी संख्या में हाथी और अन्य वन्यजीव थे। खनन के कारण वन्यजीव जोड़ा क्षेत्र से पलायन कर चुके हैं। बंदर शहरी क्षेत्र के घरों तक पहुंच रहे हैं।

खनन में अनियमितता के कारण लगातार वायु प्रदूषण हो रहा है। ब्लास्टिंग से घरों में दरार पड़ पड़ रहे हैं। जनसुनवाई फिक्स थी। यहां चुने हुए लोगों का पहले से लिस्ट बनी हुई थी, मुझे अपना मत रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया. जिस कारण अपना मत लिखित में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया हूं। स्थानीय लोगों को जनसुनवाई से दूर रखने और अंदर प्रवेश नही करने देने के कारण गेट के बाहर स्थानीय लोगों की भीड़ लगी हुई थी।

जिसके बाद भी उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। वहीं एक तरफ कंपनी कोविड 19 के दिशा-निर्देश का हवाला दे कर जनसुनवाई में लोगों के प्रवेश द्वार को सुबह 8 बजे से बंद कर देती है। वहीं दूसरी तरफ कोविड 19 नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दस हज़ार लोगों को सड़क किनारे हाथी पार्क में मटन भोज की व्यस्था की गई थी।

टाटा स्टील देश की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी होने के कारण स्थानीय में उनके लिए भरोसा ज्यादा है। पर इस जनसुनवाई में कंपनी प्रबंधन द्वारा चोरी से बाहरी लोगों की भीड़ जुटा कर और पुलिस बल में जनसुनवाई कराने को लेकर जोड़ा क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।

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