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भास्कर ऑन द स्पॉट:विक्षिप्त बेटे ने परिवार के लोगों की हत्या की झूठी कहानी गढ़ी थी, माता-पिता सहित परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित

चाईबासा8 महीने पहले
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  • तलहटी के गांव पहुंची भास्कर टीम, खबर सुनकर दंग रह गई बूढ़ी मां, बोली-बेटे की मानसिक संतुलन ठीक नहीं
  • मां ने बतायी पूरी कहानी

चाईबासा मुख्यालय से 25 किलाेमीटर दूर एक पहाड़ के तलहटी पर बसा हेस्साबांध गांव है। घने जंगलाें से घिरे इस गांव तक पहुंचने के लिए चकाचक सड़क है। यहां घर-घर में गांव बिजली की कनेक्शन व मिनी जलापूर्ति याेजना के तहत घर-घर पीने का पानी पहुंच रही है। गांव के अंदर करीब 30 फीट की उंचाई पर बसा एक छाेटा सा खपरैल मकान। जहां 70 साल की बुजुर्ग महिला अपने घर के अंदर काम करने में व्यस्त दिखीं। आवाज देने पर वह बाहर झांकी। बाहर खड़े दाे युवाओं काे देख घर के अंदर से एक खटिया लेकर बाहर निकली और दाेनाें काे बैठने के लिए बाेली। इसके बाद स्वयं भी दाेनाें युवकाें के साथ बैठ गईं। इसके बाद अपने बेटे की कहानी सुनाने लगी।

वह बुजुर्ग महिला काेई और नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में हत्या जैसी घटनाओं पर सनसनी फैलाने वाला गुमदी सुरीन उर्फ जाेजाे की बूढ़ी मां मुक्ता सुरीन थी। इसके बाद उन्हाेंने बड़े ही दुख के साथ भास्कर कोे अपने बेटे की कहानी बताने लगी। उन्हाेंने बताया कि बेटे का मानसिक संतुलन बिगड़ जाने के कारण इस तरह की सनसनीखेज खबर आग की तरह फैल गई।

चूंकि बुधवार काे सुबह मुझे जानकारी मिली कि मेरा बेटा गुमदी सुरीन उर्फ जाेजाे का दिमागी हालत 12 अक्टूबर से अचानक बिगड़ गया। जब तक हमलाेग उसके बारे में कुछ समझ पाते वह अपने ससुराल कबरागुटू के लिए निकल चुका था। 14 अक्टूबर काे सुबह पता चला कि बेटा गुमदी सुरीन जख्मी अवस्था में सदर अस्पताल में भर्ती है।

आरोपी की मां बाेली... बेटे ने फैलाई गलत अफवाह, दिनभर पुलिस प्रशासन की टीम पूछताछ करती रही

युवक की दिमागी हालत सही नहीं, परिवार के लाेग सुरक्षित: एसडीपीओ

इधर, सनसनीखेज खबर फैलने के बाद ही पुलिस प्रशासन भी सत्यता की जांच करने में जुट गई थी। जांच के क्रम में ऐसी काेई घटना की जानकारी नहीं मिली। उसके परिवार के सभी सदस्य स्वास्थ्य में सुरक्षित मिले। जबकि यह सनसनी खबर झूठी निकली। इसकी जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ अमर कुमार पांडेय ने बताया कि गुमदी सुरीन की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण झूठी खबर फैल गई। गुमदी ने अपने ससुराल में घर के अंदर बंद कमरे में स्वयं काे तेज धारदार हथियार से वार खुद काे घायल कर दिया। वर्तमान में उसका इलाज सदर अस्पताल में चिकित्सकाें की टीम की देखरेख में चल रहा है।

ससुराल में एक कमरे के अंदर धारदार हथियार से वार कर खुद काे किया घायल

मुक्ता(मां) ने बताया कि गुमदी का छाेटा भाई नारान सुरीन काे गुमदी के ससुराल कबरागुटू गांव भेजकर पता लगाने पर पता चला कि जिस दिन गुमदी वहां पहुंचा उसी दिन से अचानक उसका दिमागी संतुलन बिगड़ गया। उसने एक कमरे के अंदर एक तेजधार हथियार लेकर घूस गया। अंदर से दरवाजा काे बंद कर दिया। उसके हरकत काे देख ससुराल वाले कुछ समझ पाते कि उसने एक टांगी से वार कर अपने गर्दन पर वार कर खुद काे घायल कर दिया। इसके बाद घर से भाग निकला।

खून से लतपथ जख्मी हालत में गुमदी उसके रिश्तेदार के यहां पुरनापानी गांव पहुंच गया। यहां सबसे कहने लगे कि उसके गांव वालाें उसे मार कर घायल कर दिया। यही नहीं गांव वालाें ने उसके माता-पिता समेत उसकी पत्नी, भाई-बहन व अपने छाेटे-छाेटे बच्चाें काे भी जान से मार दिया। उसके रिशतेदाराें ने किसी तरह उसे सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के बाद भी यही बात सबसे कहने लगे। यह कहानी काे सुनकर उसकी बूढ़ी मां दंग रह गई। वाे कहने लगी कि हम सभी परिवार के लाेग जिंदा हैं। बेटे का मानसिक संतुलन बिगड़ जाने के कारण वह अनप-शनप बक रहा है।

घटना के बाद चाराें बच्चाें काे मामा अपने साथ घर ले गए: मुक्ता सुरीन

बूढ़ी मां मुक्ता सुरीन ने बताया कि बुधवार काे सुबह गुमदी के ससुराल वालाें ने उसके चार छाेटे-छाेटे बच्चाें काे अपने साथ लेकर कबरागुटू गांव चले गए। जहां उसकी मां जाेबना सुरीन के साथ रह रहे हैं। अब यहां पर हमलाेग गुमदी के पिता समेत उसका भाई नारान सुरीन व बहन गुंदली सुरीन समेत चार लाेग रह रहे हैं। वर्तमान में अपने बड़े भाई काे देखने के लिए नारान चाईबासा गया है। यहां गांव के कुछ लाेगाें से भी इस संबंध में जानकारी ली गई। लेकिन गांव के लाेग भी उसकी कहानी सुनकर दंग रह गए। कहने लगे कि गांव में इस प्रकार की काेई घटना नही घटी है। गुमदी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया हाेगा। जिस कारण यह सनसनी खेज मामला फैल गई है।

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