भास्कर फॉलाेअप... / घायल उग्रवादी ने कहा- छह साल पहले संगठन में जबरन शामिल कराया, पहली बार देखी ऐसी मुठभेड़

The injured militant said- Forcibly incorporated into the organization six years ago, saw such an encounter for the first time
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The injured militant said- Forcibly incorporated into the organization six years ago, saw such an encounter for the first time

  • पोड़ाहाट जंगल में नक्सली मुठभेड़ के दूसरे दिन मृत पीएलएफआई उग्रवादियों का मजिस्ट्रेट की माैजूदगी में पाेस्टमार्टम
  • टेबाे थाना में उग्रवादियाें के खिलाफ केस दर

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 06:43 AM IST

चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित पोड़ाहाट जंगल के मनमारु पहाड़ी इलाके में गुरुवार अहले सुबह जिला पुलिस-सीआरपीएफ की संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में घायल पीएलएफआई उग्रवादी मनोज हेसा का एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। टेबो थाना अंतर्गत जराकेल गांव निवासी मनोज हेसा को पांच गोली लगी थी। अभी उसकी स्थिति में सुधार है। 
एमजीएम अस्पताल में मनोज हेसा ने किसान से उग्रवादी बनने की अपनी कहानी बताई। मनोज ने बताया- वह पढ़ा-लिखा नहीं है। वह खेतीबाड़ी करता था। उसका एक भाई दूसरे राज्य में काम करता है। उसकी चार बहनें भी हैं, जिनकी अब शादी हो चुकी है। मनोज ने बताया-  छह साल पहले पीएलएफआई का एरिया कमांडर चाडु बोदरा की उसकी बहन पर गलत नजर थी।

चाडु बोदरा के गांव अाने पर उसने विरोध किया था। इसके दूसरे दिन चाडु बोदरा अपने दस्ते के साथ गांव पहुंचा और उसे जबरन ले गया। संगठन में उसे हथियार ढोने का काम कराया गया। उग्रवादियों के साथ उसने ज्यादातर समय टेबो पहाड़ और अास-पास के जंगलों मेंं ही बिताया। उसे हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। वह बीच-बीच में पिता और बहनों से मिलने गांव आता था। अब उसकी बहनों की शादी हो चुकी है। बुधवार को भी वह अपने परिवार से मिलने गांव आया था। उसके साथ आए 10-12 उग्रवादी पहाड़ी के पास ही थे।

परिवार से मिलकर वह रात को साथियों के पास चला गया था। गुरुवार अहले सुबह गोलियों की आवाज सुन वह भागने लगा। इस क्रम में उसे गोली लग गई। मनोज ने बताया- उसने ऐसी मुठभेड़ पहली बार देखी। आजतक उसने किसी वारदात को अंजाम नहीं दिया है। मुठभेड़ में मारा गया दाडू नाग उर्फ चंपा संगठन में दाे पहले ही एरिया कमांडर बना था। वह बंदगांव के चंपाबा का निवासी है। उसकी पत्नी पंगला बोदरा मुठभेड़ स्थल के पास जराकेल गांव की रहने वाली थी। आकाश हेंब्रम उर्फ सेकेंड मोदी गुदड़ी इलाके का निवासी थी। इनके दस्ते में कुल 13 लाेग थे। दस्ते के पास एक एके-47 और बाकियों के पास थ्री नॉट थ्री की राइफल थी। मुठभेड़ के बाद पकड़ाया मसीह पूर्ति संगठन में लॉकडाउन के दौरान ही शामिल हुआ था

दो महीने पहले ही चंपा बना था पीएलएफआई का एरिया कमांडर 

मुठभेड़ के बाद पुलिस काे एक डायरी मिली है। इसमें पीएलएफआई काे लेवी देने वालाें के अलावा वैसे ठेकेदाराें के नाम लिस्ट भी है जिनसे लेवी ली जानी थी। पुलिस के अनुसार इस डायरी की पड़ताल की जा रही है। जाे भी पाेषक हाेंगे, वे पुलिस की रडार में हाेंगे।

नक्सली मुख्यधारा पर लौटे, सरकार सारे लाभ देने को तैयार 

एसपी इंद्रजीत माहथा ने कहा- झारखंड सरकार नक्सली और उग्रवादी संगठन को लेकर काफी संवेदनशील है। लगातार इनकी मॉनिटेरिंग हो रही है। अगर कोई प्रतिबंधित संगठन मुख्यधारा में आना चाहता है तो सरकार सारे लाभ देने के लिये तैयार है।

मनाेज और मसीह को रिमांड पर लेकर पुलिस करेगी पूछताछ

गुरुवार सुबह पाेड़ाहाट जंगल के मनमारू गांव के पास मुठभेड़ में मारे गए पीएलएफआई के एरिया कमांडर दाडू नाग उर्फ चंपा, उसकी पत्नी पंगला बोदरा और साथी आकाश हेंब्रम उर्फ सेकेंड मोदी का पाेस्टमार्टम शुक्रवार काे प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट बीडीओ रामनारायण सिंह की मौजूदगी में किया गया। चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में पाेस्टमार्टम हाेने के बाद परिजनाें काे लाश साैंप दी गई। इस घटना में पकड़ाए मसीह पूर्ति को पुलिस ने शुक्रवार काे चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस मनाेज हेस्सा और मसीह पूर्ति को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए कानूनी कार्यवाही में जुटी है। 

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