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किसानों पर दोहरी मार:300 एकड़ जमीन सिंचाई से वंचित 5 गांव के दो हजार किसान प्रभावित

जैंतगढ़4 दिन पहले
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हाल-ए-जैंतगढ़ पक्का डैम - Dainik Bhaskar
हाल-ए-जैंतगढ़ पक्का डैम
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जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत मुंडूई पंचायत के कांदरकोला गांव की गुमुरिया सीमा पर बना चेकडैम 6 साल से टूटा पड़ा है। पक्का बांध नाम से मशहूर इस डैम के टूटने से क्षेत्र के दो हजार किसानों की लगभग 300 एकड़ खेतिहर जमीन सिंचाई से वंचित है।

बांध के टूटने से बारिश का पानी जमा होने की जगह बह कर सीधे मुंडूई नाला में चला जाता है। इस बांध के जीर्णोद्धार के लिए क्षेत्र के किसान विभाग, विधायक और सांसद से गुहार लगा चुके हैं। मगर 6 साल बाद भी इस पर कोई पहल नहीं की गई है। कांदरकोला गांव के गुमुरिया से तुरली और पुटगांव सीमा तक बांध बना हुआ है। इसकी चौड़ाई 12 फीट और गहराई 50 फीट तक है।

बारिश के दिनों में पहाड़ियों और जंगलों से बहकर आने वाला पानी इसी डैम में जमा होता है। इससे पानी की कमी होने पर किसान इस बांध के पानी से आसानी से खेती कर लेते थे। इसके टूट जाने से पानी अब सीधे मुंडूई नाला में चला जाता है। इसके कारण सिंचाई नहीं कर पाते हैं।

बांध किसानों के लिए था वरदान : ग्रामीण

ग्रामीण मानकी दीपक लागुरी ने कहा-यह बांध यहां के किसानों के लिए वरदान स्वरूप था। बरसात के दिनों में जंगल और पहाड़ियों से बहकर आने वाला पानी यहां संचय होता था। इस बांध में काफी मात्रा में पानी रहता था। किसानों को खेती के लिए पानी की कमी नहीं होती थी। इसी बांध के पानी से लोग खेती करते थे। विगत 6 वर्षों से यह टूटा पड़ा है। इससे पानी बांध में नहीं ठहरता है। इससे कांदरकोला, तुरली और पुटगांव के किसानों की 300 एकड़ भूमि की सिंचाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा- मैं, खुद ही विधायक से मिलकर समस्या से अवगत कराते हुए बांध के जीर्णोद्धार कराने की गुहार लगा चुका हूं, मगर अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। इससे किसानों पर हर दोहरी मार पड़ रही है।

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