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अनुमति मांगी:गुड़ाबांदा की पहाड़ियों में पन्ना रत्न केे बाद अब की जाएगी यूरेनियम की खोज

मुसाबनी6 दिन पहलेलेखक: मृत्युंजय सिंह
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  • परमाणु उर्जा विभाग ने वन विभाग से 70 स्थानों पर ड्रिलिंग के लिए मांगी अनुमति

गुड़ाबांदा में पन्ना केे बाद अब यूरेनियम की खोज शुरू होगी। इसके लिए परमाण उर्जा विभाग ने वन विभाग सेे अनुमति मांगी है। विभाग को अनुमान है कि बड़े पैमाने पर गुड़ाबांदा की पहाड़ियों में यूरेनियम का भंडार भी दबा हुआ है। मुसाबनी के बागजाता से फिलहाल यूसील कंपनी अयस्क का खनन कर रही है। उससे सटे जंगल और पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर यूरेनियम भंडार होने का अंदेेशा है।

जानकारी हो कि गुड़ाबांदा प्रखंड के घने साल के जगंलों से घिरी पहाड़ियों में एक ओर जहां बेशकीमती रत्न पन्ना का भंडार है। वर्ष 2014-15 में परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय ने हवाई सर्वे के जरिए इसका पता लगाया था। उसके बाद मामला ठंडा पड़ गया है। अब जब यहां पन्ना के लिए सर्वे शुरू हुअा तो परमाणु उर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाला और प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीनस्थ भारत सरकार यह महत्वपूर्ण विभाग गुड़ाबांदा के इन जंगलों में भूगर्भ में छिपे यूरेनियम सहित अन्य खनिजों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए वेधन कार्य (ड्रिलिंग) करने की अनुमति मांगी है।

इसके लिए विभाग के क्षेत्रीय निदेशक, जमशेदपुर ने वन प्रमंडल पदाधिकारी(डीएफओ) से इसके लिए मुसाबनी वन क्षेत्र के भालकी और सुड़गी में वेधन कार्य के लिए आदेश मांगा है। इसके लिए डीएफओ ने मुसाबनी वन क्षेत्र पदाधिकारी को पत्र लिखकर 11 बिंदुओं पर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने के लिए सुनिश्चित किया है। इसके तहत वेधन स्थल तक मशीन पहुंचाने के रास्ते में पेड़ों को होने वाले नुकसान का आंकलन, वेधन कार्य के दौरान वनों की क्षति, प्रस्तावित भूमि पर वृक्षों का विवरण आदि शामिल है।

भूगर्भ में छिपे यूरेनियम सहित अन्य खनिजों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए लगभग 70 जगह ड्रील करेगा। इस डील लगभग 500 मीटर नीचे तक होगा। इसके लिए 16 सितंबर के बाद वन विभाग और परमाणु उर्जा विभाग का सयुंक्त निरीक्षण किया जाएगा। जानकारी हाे कि परमाणु उर्जा विभाग ने वेधन के लिए जिस इलाके का आवेदन दिया है, यह मुसाबनी प्रखंड के यूसील के बागजाता माइंस से सटा है।

इन इलाकों में यूरेनियम का ग्रेड लगभग 0.032%है, जो खनन की दृष्टि से लाभदायक है।गुड़ाबांदा में बीते एक सप्ताह सेे पन्ना का सर्वे जारी है। इसके लिए 7 सदस्यीय टीम लगातार सर्वे कर रही है। इसमें ड्रोन कैमरेे का इस्तेमाल कर वीडियो बनायी जा रही है। गुड़ाबांदा केे तीन प्रमुख स्थान बारूणमुठी, बाउटिया तता ठुरकुगोड़ा को मुख्य केन्द्र मानकर पन्ना की तलाश की जा रही है।

भूतत्व एवं खान विभाग के मुख्य निरीक्षक ज्योति शंकर सत्पती की टीम इन स्थानों से पत्थरों का सैंपल लेकर जांच के लिए रांची भेजा है। इस सर्वे केे बाद लीज की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। दूसरी और इसके गर्भ में भी कई अन्य खनिजों का भी अकूत भंडार छिपा है।

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