पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सीबीआई की अपील:70 लाख रुपए ठगी मामले में 7 साल बाद जांच के लिए डुमरिया पहुंची सीबीआई टीम

डुमरिया8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • निवेशक अपने एजेंट के साथ अाकर रांची में करा सकते हैं शिकायत दर्ज

चिटफंड कंपनियों ने कम समय में पैसा दोगुना-तिगुना करने का लालच देकर डुमरिया के हजारों निवेशकों से करीब 70 लाख रुपए की ठगी कर ली थी। इस मामले में जांच करने के लिए 7 साल बाद सीबीआई की टीम डुमरिया पहुंचकर छानबीन शुरू की है। इससे निवेशकों में पैसे वापसी की आस जगी है। सीबीआई टीम बुधवार को डुमरिया पहुंचकर डुमरिया वन विश्रामागार में शाइन इंडिया एग्रो इंडस्ट्रीज चिटफंड कंपनी के एजेंटाे से पूछताछ की। दूसरी ओर बहरागोड़ा में जांच जारी है। अब तक वहां 300 निवेशकों का बयान दर्ज किया गया है। बड़ाबोतला के जगदीश चंद्र नायक ने सीबीअाई अधिकारियों को बताया कि डुमरिया में लगभग एक हजार लोगाें ने उक्त कंपनी में पैसा जमा किया था।

उक्त कंपनी 2013 में बंद हो गई। प्रतिमाह दो लाख रुपए इस क्षेत्र से एजेंट वसूलते थे। कंपनी दो साल तक लोगों की गाढ़ी कमाई जमा कराकर फरार हो गई। इस दाैरान डुमरिया के निवेशकाें के लगभग 70 लाख रुपए डूब गए। घाटशिला निवासी शंभू ठाकुर के घर में शाइन इंडिया एग्राे इंडस्ट्रीज का ऑिफस था।

शक्तिपद तराई नामक व्यक्ति घाटशिला कार्यालय से रुपए लेकर काेलकाता हेड ऑफिस में जमा करने जाता था। किसी भी स्थानीय बैंक में कंपनी का खाता नहीं था। कंपनी के लोगाें का कहना था कि मिनरल प्लांट, सिनेमा हाॅल व होटल खाेलेंगे। इससे होने वाले लाभ से निवेशकों का पैसा दोगुना वापस किया जाएगा। ओडिशा के बांबे चौक के अभिराम नायक डुमरिया आता था।

पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लभपुर के अनुपम पात्र घाटशिला ब्रांच का मैनेजर था। डुमरिया में चाईडीहा, बड़ाअस्ति, बारेडीह, चिंगड़ा, बड़ाबोतला, कोलाबाडिया, दामडीह तथा सेरालडीह में कंपनी के एजेंट कार्यरत थे। डुमरिया में कुल दस एजेंट थे। पूछताछ के लिए सभी को बुलाया गया था, लेकिन जगदीश चंद्र नायक, बड़ाबोतला, जगदीश दास बड़ाबोतला तथा छोटाबोतला के बिजो हेंब्रम ही सीबीआई के समक्ष उपस्थित हुए। सीबीआई के अधिकारी सारे दस्तावेज अपने साथ ले गई तथा उसकी लिस्ट ऐजेंटाें को सौंपी।

सीबीआई ने जगदीश चंद्र नायक को 107 का नोटिस भी थमाया। सीबीआई के इंस्पेक्टर मुकुंद कुमार कर्ण ने बताया कि जिसका भी पैसा डूबा है वे अपने ऐजेंट के साथ रांची कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुकुंद कुमार कर्ण ने बताया कि 2017 में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था। सीबीआई अधिकारियाें की अारे से एजेंटाें से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की गई।

चिटफंड घोटाला : एक हजार निवेेशकों में जगी पैसे वापसी की उम्मीद

27 कंपनियों की पहले हो रही जांच

हाईकोर्ट ने 11 मई 2015 को चिटफंड कंपनियों से जुड़े 27 मामलों की जांच का आदेश दिया था। इनमें सुरहा माइक्रो फाइनेंस, सन प्लांट एग्रो ग्रुप, प्रयाग इन्फोटेक हाईराइज लिमिटेड, साई प्रसाद प्रॉपर्टी लिमिटेड, अलकेमिस्ट इन्फ्रा रियलिटी लिमिटेड आदि कंपनियां शामिल हैं।

एन-मार्ट कंपनी पर 900 करोड़ रुपए ठगी के मामले

सिर्फ एन-मार्ट कंपनी पर ही 900 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप है। कंपनी के एमडी गोपाल शेखावत व इससे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ राज्य भर में कई एफआईआर दर्ज हैं।

अलकेमिस्ट, केयर विजन की जांच पर स्टे

27 चिटफंड कंपनियों में से अलकेमिस्ट और केयर विजन के खिलाफ जांच पर स्टे लगा हुआ है। पिछले साल दोनों कंपनियों की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि ये दोनों कंपनियां अपने निवेशकों और कार्यकर्ताओं का पैसा धीरे-धीरे लौटा रही हैं। इसलिए दोनों के खिलाफ चल रही जांच पर स्टे दिया जाए। इसके बाद दोनों कंपनियों को स्टे मिल गया।

चिटफंड के 213 मामलों की जांच कर रही सीबीआई

हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न जिलों में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ दर्ज 213 मामलों की सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया है। इसी आलोक में सीबीआई अधिकारियों की अलग-अलग टीम अलग-अलग कंपनियों की जांच कर रही है। जांच के बाद सीबीआई दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ चार्जशीट दायर करेगी। जानकारी हो कि इस संबंध में झारखंड अभिकर्ता संघ, नॉन बैंकिंग अभिकर्ता इवाम और झारखंड अगेंस्ट करप्शन समेत कई अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।

खबरें और भी हैं...