पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वैज्ञानिकों की पहल रंग लाई:पांच लाख घने पेड़ों ने बदली मुसाबनी की फिजा; ताम्र नगरी में ताउम्र पानी की समस्या होगी दूर

मुसाबनी3 महीने पहलेलेखक: मृत्युंजय सिंह
  • कॉपी लिंक

धालभूम वन प्रमंडल के अंतर्गत आने वाला मुसाबनी वन क्षेत्र सबसे बड़ा वन क्षेत्र है। यह वन क्षेत्र लगभग 280 वर्ग किलोमीटर अर्थात 29724 हेक्टेयर में फैला है। इस वन क्षेत्र की सीमा ओडिशा के सबसे बड़े वन क्षेत्र सीमली पाल हिल की सीमा से सटी है। इस वन क्षेत्र में एक ऐसा अनोखा पेड़ है जिसका नाम रेन ट्री है।

और इसमें बादलों को सम्मोहित करने की अद्भुत क्षमता है। स्थानीय भाषा में कारगली भी कहते है। मुसाबनी शहरी क्षेत्र के समीप धोबनी पहाड़ के दूसरे छोड़ धोबनी गांव की ओर के पहाड़ में इसकी बहुतायत है। आठ सालाें में लगभग 4 लाख 80 हजार 9 सौ पौधेरोप गए हैं, डुमरिया वन विभाग के नर्सरी में भी 2 हजार इस साल के पाैधे उगाए गए हैं।

  • 280 वर्ग किमी मुसाबनी वन क्षेत्र का हुआ विस्तार
  • ओडिशा राज्य के सीमली पाल हिल से सटी है सीमा
  • डुमरिया नर्सरी में 2000 पाैधे उगाए गए हैं

खासियत...रेन ट्री के पास हवा में रहती है नमी
एक्सपर्ट का मानना है कि वास्तव में पेड़-पौधे बारिश को कतई आकर्षित नहीं करते हैं। लेकिन जिन स्थानों पर होते हैं, वहां के वायुमंडल में नमी की अधिकता के कारण ठंडक अधिक होती है, हवा में नमी अधिक इसलिए होती है, क्योंकि पेड़-पौधे अपना भोजन बनाने के लिए पृथ्वी से जो पानी जड़ाें द्वारा सोखते हैं, उस पानी की मात्रा प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के दौरान पत्तियों के निचले भाग में स्थित रंध्र द्वारा वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से हवा में उड़ती रहती है, इससे आस-पास की हवा नमीयुक्त होकर ठंडी हो जाती है, ठंडे वायुमंडल के ऊपर जल वाष्प से वायुमंडल के ऊपर जल वाष्प से युक्त बादल गुजरते हैं, तो बादलों की जल वाष्प वायुमंडल की ठंडी हवा से सम्पर्क में आकर संघनित होनी शुरू हाे जाती है, संघनन की इस क्रिया ही हम बारिश कहते हैं। बस इसी क्षमता के बारिश होेती है।

जानें.. क्या है रेन ट्री

रेन टी बड़ा होकर काफी घना होता है,इसलिए वाष्पोत्सर्जन व नमी के कारण बारिश अधिक होती है। आंकड़ों की मानें तो जहां पहले 1100 एमएम बारिश होती थीं, वहीं, रेन ट्री लगाने के बाद यहां का बारिश का आंकड़ा बढ़कर 1300 एमएम तक पहुंच गया है।

एक्सपर्ट की राय... रेन ट्री के कारण हवा हो जाती है ठंडी

रेन ट्री बड़ा होकर काफी घना होता है, इसलिए वाष्पोत्सर्जन के दौरान इसके पास की हवा नमीयुक्त होकर ठंडी हो जाती है, और यहां से गुजरने वाले जल वाष्प युक्त बादल ठंडी हवा के सम्पर्क में आकरबरस पड़ते हैं। -राजा घोष, सब बीट अफसर,दलमा, अनुसंधानकर्ता।

वन अधिकारी बोले... बादलों को करता है सम्मोहित

बादलों को सम्मोहित करने वाली रेन ट्री वाकई में गुणकारी है। मुसाबनी वन क्षेत्र में विभाग द्वारा विगत 10 सालों में इसके कई पौधे लगाए गए हैं। यह सभी पौधे अभी काफी बड़े हो गए हैं और बादलों को खींचते हैं। -प्रदीप कुमार गोस्वामी, रेंजर।

खबरें और भी हैं...