व्यवस्था / सरकार की ओर से वापस लाने की व्यवस्था नहीं होने पर मजदूर पैदल, साइकिल और ट्रकों से चोरी-छिपे पहुंच रहे अपने गांव

There is no arrangement to bring back the government, workers are secretly reaching their villages on foot, bicycle and trucks
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There is no arrangement to bring back the government, workers are secretly reaching their villages on foot, bicycle and trucks

  • जिले की सीमा सील, फिर भी ओडिशा से दर्जनभर साइकिल सवार मजदूर झारखंड की सीमा में घुसे
  • रास्ते में कहीं नहीं हो रही रोकटोक, संक्रमण फैलने का खतरा

दैनिक भास्कर

May 09, 2020, 05:25 AM IST

घाटशिला . भास्कर न्यूज |
लॉकडाउन में पूर्वी सिंहभूम जिले की सीमाएं सील हैं। वहीं अोडिशा में फंसे मजदूरों का आना जारी है। सरकार द्वारा भी दूसरे राज्यों से मजदूरों को वापस बुलाया जा रहा है। लेकिन जिन मजदूरों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, वे या तो पैदल चलकर या फिर साइकिल, ट्रकों आदि से चोरी छिपे अपने जिले और गांव में पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को अोडिशा से एक दर्जन साइकिल सवार झारखंड की सीमा में प्रवेश कर बिहार जाते दिखे। कहीं भी रोक-टोक नहीं हो रही है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। रेड जोन भुवनेश्वर से मजदूर साइकिलों से शहर की सीमा पार करके हाइवे 18 से जातेे दिखे। 
इन लोगों ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी जब उन्हें सरकारी सुविधाएं नहीं मिली तो वे साइकिल से गंतव्य की अोर रवाना हो गए। वह बिहार के समस्तीपुर, पूर्णिया, कटिहार जाएंगे। उन्होंने बताया कि रास्ते में कहीं भी जांच स्क्रीनिंग भी नहीं हुई है। हर दिन ये मजदूर अोडिशा से झारखंड की सीमा में प्रवेश करने के बाद विभिन्न थाना क्षेत्र होते हुए अपने गंतव्य की अोर जा रहे हैं। अाश्चर्य की बात यह है कि इन्हें देखकर भी पुलिस नहीं रोक रही है। उन्हें क्वारेंटाइन नहीं किया जा रहा है। बहरागोड़ा, श्यामसुंदरपुर, धालभूमगढ़, घाटशिला तथा गालूडीह थाना होते हुए मजदूर बिना रोक-टोक गुजर रहे हैं। इससे पूर्व गालूडीह थाना क्षेत्र के सालबनी में ट्रक से 85 मजदूरों को जाते हुए पकड़ा गया था। उन्हें गालूडीह महुलिया हाई स्कूल में क्वारेंटाइन किया गया था। इस दौरान उनके नखरे सेे पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी परेशान हो गए थे। यहीं वजह है कि अब अधिकारी सड़क से जाते हुए भी मजदूर को देख आंख बंद कर लेते हैं। क्वारेंटाइन की अवधि पूूरी होने के बाद सभी को बस से उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया। 
लॉकडाउन में फंसे श्रमिक, कोई व्यवस्था नहीं होने पर पैदल और साइकिल का ले रहे सहारा
लॉकडाउन के चलते देशभर में फंसे मजदूर वापस आने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कोई घर पहुंचने के लिए निरंतर पैदल चल रहा है तो कोई लिफ्ट लेते हुए आ रहा है। ओडिशा के विभिन्न शहरों में फंसे श्रमिकों को आने की कोई व्यवस्था नहीं हुई तो कुछ पैदल तो कुछ साइकिल से चल दिए। इन मजदूरों में कोई भवन निर्माण के ठेकेदार के यहां मजदूरी करते थे तो कोई चावल मिल में कार्यरत थे। लॉकडाउन के बाद ठेकेदार ने कुछ दिनों तक उनको खाने-पीने की व्यवस्था की, लेकिन अब लॉकडाउन बढ़ जाने से ठेकेदार ने खाना देना बंद कर दिया। इनकी मजदूरी राशि भी नहीं दी। ऐसी स्थिति में पैदल चलने को मजदूर बाध्य हो गए।

हुगली में फंसे 5 मजूदर धालभूमगढ़ पहुंचे, स्क्रीनिंग के बाद क्वारेंटाइन

धालभूमगढ़| जिप सदस्य आरती सामद के प्रयास से शुक्रवार को लाॅकडाउन के दौरान हुगली में फंसे 5 मजदूर धालभूमगढ़ पहुंचे। पांचों मजदूरों का धालभूमगढ़ सीएचसी में कोरोना संक्रमण काे लेकर स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सभी काे पंचायत स्तरीय क्वारंेटाइन सेंटर में रहने के लिए भेजा गया। जिप सदस्य ने बताया कि माैदाशाेली पंचायत के आमाडूबी गांव के गोविंद गायन, लखीराम मुर्मू, प्रधान गोप तथा चुकरीपाड़ा पंचायत के पानीजिया गांव निवासी भरत तथा शरत गोप मजदूरी करने पश्चिम बंगाल के हुगली गए थे। वहां ग्लेज ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में कार्य कर रहे थे। मजदूरों ने कई बार उनसे मोबाइल पर संपर्क कर सहयोग मांगा था। मजदूरों को बंगाल से लाने के लिए उपायुक्त को भी लिखित आवेदन देकर मजदूरों को लाने के लिए सहयोग मांगा गया था।

जमशेदपुर से साइकिल से ही नादिया के लिए चल पड़े मजदूर

धालभूमगढ़ |देशभर में काेराेना संक्रमण से बचाव काे लेकर जारी लाॅकडाउन के दाैरान वाहन नहीं चल रहे हैं। जगह-जगह प्रशासन मुस्तैद है। शुक्रवार काे पश्चिम बंगाल से मजदूरी करने आए 10 मजदूर लाॅकडाउन के दाैरान जमशेदपुर में फंस गए थे। काेई साधन नहीं मिला ताे उक्त सभी 10 मजदूर जमशेदपुर से साइकिल से ही पश्चिम बंगाल घर के लिए रवाना हाे गए। इन 10 मजदूराें काे चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र के मुटुरखाम के समीप सिंद्रा खाल के किनारे पेड़ के नीचे आराम करते देखा गया। मजदूरों से पूछने पर उन्होंने बताया कि 10 मजदूर में से 8 मजदूर पश्चिम बंगाल के नादिया जिला के हरिनघाट थाना अंतर्गत कानपुर गांव जा रहे हैं। वहीं साथ में 2 अन्य मजदूर अबुल कलाम तथा इनामुल दोनों कोलकाता जा रहे हैं। उक्त सभी मजदूर जमशेदपुर में भवन निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे। जमशेदपुर से चाकुलिया थाना क्षेत्र पहुंचने के क्रम में कहीं भी मजदूरों को किसी ने पूछताछ नहीं की।

खड़गपुर के रेशमी स्टील प्लांट में काम करने वाले 21 मजदूर पहुंचे चाकुलिया, जांच

चाकुलिया  |शुक्रवार को खड़गपुर के गोकुलपुर स्थित रेशमी स्टील प्लांट में काम करने वाले 21 मजदूर पैदल चाकुलिया पहुंच गए। रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल चलते हुए सभी मजदूर चाकुलिया पहुंचे थे। चाकुलिया पहुंचने पर मजदूर थक गए थे। प्रशासन को इसकी भनक लगते ही सिटी मैनेजर मोनिश सलाम उन्हें चाकुलिया थाना ले गए। चाकुलिया थाना परिसर में ही अंचलाधिकारी अरविंद कुमार ओझा एवं थाना प्रभारी अनिल कुमार नायक ने उन्हें भोजन कराया। इस दौरान सर्विलांस टीम द्वारा सभी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच की गई। इसके उपरांत उनके गढवा स्थित घर जाने के लिए व्यवस्था कराने का प्रयास किया गया। परंतु शाम तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। जिस कारण उन्हें गोविंदपुर स्थित सीएचसी के पीछे बने सामुदायिक भवन परिसर में ठहराया गया है। चाकुलिया से वाहन की व्यवस्था कर उन्हें गढ़वा पहुंचाया जाएगा। मजदूरों में सूर्यदेव सिंह, बलराम, चंदन, अरुण आदि शामिल थे।

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