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बिल्डिंग बदहाल:आजादी से पूर्व में बने केएनजे स्कूल की छत का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे विद्यार्थी

चाकुलिया14 दिन पहले
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क्लास रूम का जर्जर छज्जा। - Dainik Bhaskar
क्लास रूम का जर्जर छज्जा।

कोरोना काल के कारण लंबे अरसे से बंद पड़े स्कूलों को सरकार के आदेश पर गाइडलाइन के तहत धीरे-धीरे खोला जा रहा है। इसके साथ बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में चाकुलिया नया बाजार स्थित केएनजे हाई स्कूल में भी बाकी स्कूलों की तरह छात्रों को बुलाया जाने लगा है। परंतु इस स्कूल की बिल्डिंग इतनी बदहाल हो चुकी है कि स्कूल की दसवीं क्लास की छत का प्लास्टर गिर पड़ा। रूम बंद होने के कारण किसी छात्र व शिक्षक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। लेकिन क्लास की छत गिरने की वजह से बेंच टूट गया। प्रधानाध्यापक कालीदास मुर्मू ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में कुल 8 कमरा है, जो कि सभी जर्जर अवस्था में है।

स्कूल भवन से रिस रहा बारिश का पानी, जगह-जगह दीवारें जर्जर

जानकारी के मुताबिक भारत की आजादी से पहले 1946 में निर्मित केएनजे हाई स्कूल भवन की हालत जर्जर हो गई है। स्कूल भवन से बारिश का पानी रिस रहा है जो सभी कमरों व बरामदा तक फैल जाता है। जगह-जगह दीवारें चटक रही हैं। प्लास्टर टूट कर गिर रहे हैं। ऐसे स्कूल भवन में बैठकर अध्ययन करना अब बच्चों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। इसकी जानकारी देते हुए स्कूल के प्रधानाचार्य कालीदास मुर्मू ने बताया कि बीते शनिवार को क्लास चल रही थी, तभी बेंच पर प्लास्टर गिरा। हांलाकि उस घटना के बाद रूम को बंद कर दिया गया था। मंगलवार की सुबह तेज बारिश के दौरान दूसरे रूम में बच्चों का क्लास चल रहा था । तभी प्लास्टर भरभराकर कर गिर गया। गनीमत थी कि रूम बंद था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बताया कि घटना से रूम में रखे बेंच क्षतिग्रस्त हो गया है।

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