जमशेदपुर के सदर अस्पताल का जल्द होगा कायाकल्प:सदर अस्पताल में 100 बेड बढ़ेंगे, इमरजेंसी व ओपीडी के लिए अलग-अलग भवन होगा

जमशेदपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सदर अस्पताल में सुविधाओं का जायजा लेती एनक्वास की टीम। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में सुविधाओं का जायजा लेती एनक्वास की टीम।

जमशेदपुर के सदर अस्पताल का जल्द ही कायाकल्प होगा। अस्पताल में बेड की संख्या 100 से बढ़ा कर 200 की जाएगी। इसके लिए अस्पताल के कई हिस्से को दो मंजिला किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से फंड आवंटित किया जा चुका है। एक महीने में काम शुरू हो जाएगा।

यह जानकारी जिले के सिविल सर्जन डॉ. एके लाल ने मंगलवार को कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों का जायजा लेने आई नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) टीम को दी। इस दौरान सीएस ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी और इमरजेंसी के लिए अलग-अलग भवन बनाया जाएगा। इससे मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत होगी। इसके अलावा 12 शव रखने के लिए मार्चरी, पैथोलॉजी लैब, टीकाकरण केंद्र बनाने की भी योजना है।

टीम ने वार्ड में मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक पाई

मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के मकसद से देशभर के सरकारी अस्पतालों का आंकलन किया जा रहा है। इसके तहत जमशेदपुर आई नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) की दो सदस्यीय टीम निरीक्षण कर मंगलवार को लौट गई। टीम में दिल्ली की डॉ. निवेदिता व रांची के डॉ. रंजीत मंडल शामिल थे।

टीम ने सिविल सर्जन डॉ. एके लाल, एसीएमओ डॉ. साहिर पाल, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एबीके बाखला के साथ बैठक कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं को जाना। टीम ने पूरे अस्पताल का जायजा लिया। टीम ने पाया कि मरीजों की संख्या के अनुसार बेड नहीं है। वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक है। ऐसे में बेड बढ़ाने होंगे। इस पर सीएस ने अस्पताल के अपग्रेडेशन की पूरी योजना की जानकारी दी।

टीम ने चिकित्सकों की कमी पर भी उठाए सवाल
टीम ने अस्पताल की साफ-सफाई को देखा। टीम ने ओपीडी, इमरजेंसी, डिस्पेंसरी, वार्ड, लैब, एक्सरे रूम, अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक भी देखा। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी पर टीम ने सवाल उठाए। यह टीम रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। उसके आधार पर सदर अस्पताल को अंक मिलेंगे। यदि यह अंक 70 प्रतिशत व इससे अधिक होंगे तो फिर केंद्र से एनक्वास की टीम सदर अस्पताल का निरीक्षण करेगी और फिर अस्पताल को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

खबरें और भी हैं...