काेल्हान विश्वविद्यालय:काॅलेजाें में सीएलसी के लिए लगेगा 100 रु. शहरी शिक्षकाें का हर 3 साल पर स्थानांतरण

जमशेदपुर7 महीने पहले
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बैठक में ये रहे मौजूद : रजिस्ट्रार जयंत शेखर, परीक्षा नियंत्रक अजय कुमार चाैधरी, प्रवक्ता डाॅ पीके पाणि, सिंडिकेट सदस्य राजेश कुमार शुक्ल, डाॅ बीएन प्रसाद। - Dainik Bhaskar
बैठक में ये रहे मौजूद : रजिस्ट्रार जयंत शेखर, परीक्षा नियंत्रक अजय कुमार चाैधरी, प्रवक्ता डाॅ पीके पाणि, सिंडिकेट सदस्य राजेश कुमार शुक्ल, डाॅ बीएन प्रसाद।
  • काेल्हान विश्वविद्यालय की सिंडिकेट मीटिंग में लिए गए कई निर्णय

काेल्हान विश्वविद्यालय की सिंडिकेट मीटिंग मंगलवार काे कुलपति प्राे गंगाधर पांडा की अध्यक्षता में हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कमेटी ने सीएलसी (कॉलेज लिविंग सर्टिफिकेट) के लिए 100 रुपए शुल्क निर्धारित कर दिया है। ऐसे में अब विवि के अंगीभूत काॅलेज सीएलसी के लिए अपने स्तर से शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। पहले अलग-अलग काॅलेज सीएलसी के लिए 100 से 500 रुपए तक शुल्क लेते थे।

 इसके अलावा कमेटी ने जमशेदपुर व इसके आसपास शहरी क्षेत्र के शिक्षकों का हर तीन साल पर स्थानांतरण करने का फैसला लिया है। काैन शिक्षक कितने साल से जमशेदपुर व उसके आसपास अवस्थित महाविद्यालयों में सेवा दे रहे हैं, इसकी एक नियमित समय पर समीक्षा की जाएगी। शिक्षकाें की सेवा तीन साल पूरी हाेने पर उनका स्थानांतरण ग्रामीण क्षेत्राें के महाविद्यालयों में कर दिया जाएगा। वर्तमान में शहर के काॅलेजाें में कई शिक्षक पैरवी के आधार पर 10 साल या उससे अधिक समय से जमे हुए हैं।

सप्ताह में 5 वर्किंग-डे के प्रस्ताव काे सिंडिकेट ने पुनर्विचार के लिए वापस किया : केयू के एकेडमिक काउंसिल द्वारा साेमवार काे पारित 5 वर्किंग-डे के प्रस्ताव काे सिंडिकेट ने पुनर्विचार के लिए वापस कर दिया। सिंडिकेट सदस्याें ने कहा- काउंसिल पहले राज्य के दूसरे विश्वविद्यालयों में वर्किंग डे की स्थिति का मूल्यांकन करे। इसके बाद यह प्रस्ताव सिंडिकेट में रखे।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए सभी डीन काे तैयारी शुरू करने काे कहा गया। इसके लिए संकाय-वार रिक्तियों की सूची जल्द तैयार करने काे कहा गया।
  • विवि व काॅलेजाें की लाइब्रेरी में पुस्तकों की खरीद के लिए केंद्रीयकृत टेंडर जारी किया जाएगा।
  • ऐसी उत्तर पुस्तिकाएं जाे तीन वर्ष से अधिक समय से पड़ी हुई हैं, उन्हें बेचने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
  • ऐसे शिक्षक जाे विवि के अलग-अलग कार्यालयों में पदाधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, वे अब संबंधित पदाें पर तीन साल से अधिक समय तक नहीं रहेंगे। उन्हें योगदान तिथि से तीन साल बाद शिक्षण कार्य में वापस भेजा जाएगा।
  • राज्य सरकार के पत्र के आलोक में अक्टूबर 2021 से जिनका सातवें वेतनमान के आधार पर सैलरी फिक्स हुआ है, उन्हें पेंशन उसी आधार पर मिलेगा। एरियर का भुगतान फंड की स्थिति के अनुरूप बाद में किया जाएगा।
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