शराब पीने के दौरान हुई थी कहासुनी:लाखो सिंह हत्याकांड के 4 आरोपी साक्ष्य अभाव में बरी

जमशेदपुर2 महीने पहले
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बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में 16 अगस्त 2019 की रात हुई लाखो सिंह की हत्या मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे 4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में बुधवार को आरोपी बसंत उपाध्याय, रौनक सिंह, मोहम्मद अफजल और राजा मजुमदार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

मामले में कुल 11 लोगों की गवाही हुई थी। लाखो सिंह की हत्या आपसी विवाद में हुई थी। हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के लिए शव को चटाई में बांध कर बागबेड़ा के डीवीसी मैदान स्थित कचरे की ढेर में फेंक दिया था।

लाखो सिंह की मां ने बर्मामाइंस थाना में घटना के 10 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमं बताया गया था कि 16 अगस्त 2019 की शाम लाखो सिंह घर से किसी को कुछ बताए बिना निकला था।

रात को भी वह घर लौटा नहीं, लाखो के साथ राजा, राज और बसंत को देखा गया था। पुलिस मामले में बंसत, मोहम्मद अफजल को गिरफ्तार किया पर दोनों ने पुलिस को गुमराह करते हुए बताया था कि लाखो को हत्या के बाद शव को गम्हरिया के चेकडैम में फेंक दिया था। तेज पानी के बहाव में शव बह गया।

लेकिन पुलिस ने जब रौनक सिंह को गिरफ्तार किया तो रौशन ने मामले का उद्भेदन करते हुए सारी सच्चाई पुलिस के समक्ष उजागर कर दी। पुलिस ने रौनक के निशानदेही पर पुलिस ने 36 दिन बाद लाखो सिंह का नर-कंकाल परसुडीह के डीवीसी मैदान के कचरे नुमा जगह से बरामद किया था।

रौनक ने पुलिस को बताया था कि घटना की रात वह बसंत के घर पर गया था। जहां मोहम्मद अफजल और लाखो सिंह बैठे थे। तीनों ने काफी अधिक शराब पी। चारों स्कूटी और बुलेट बाइक से स्टेशन स्थित सिंह होटल शराब पीने गए थे।

शराब पीने को लेकर बसंत और लाखो के बीच गाली-गलौज हो गया था। इसके बाद बसंत ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर लाखो की हत्या कर दी थी। लाखो के शव को चटाई में लपेट कर डीवीसी मैदान के पास कचरे में फेंक दिया था।

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