सात साल का सबसे गर्म जून:दिन में 43डिग्री, तो रात में 29.6 डिग्री रहा पारा, 2015 में 44.5 डिग्री पहुंचा था अधिकतम तापमान

जमशेदपुर2 महीने पहले
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जून में रिकॉर्ड ताेड़ गर्मी ने शहरवासियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले चार दिनाें से शहर का तापमान 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। दिन में तेज धूप के साथ ही लू भी चल रही है जिसने गर्मी के असर काे और बढ़ा दिया है। रात में उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है।

मंगलवार काे शहर का पारा सामान्य से 6 डिग्री ऊपर 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री ऊपर 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दाैरान 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गर्म पश्चिमी हवा चली।

मंगलवार को अधिकतम तापमान ने पिछले सात साल में जून के सर्वाधिक तापमान का रिकॉर्ड तोड़ दिया। फिर रात करीब 11 बजे मौसम ने करवट बदली और शहर के कई हिस्से में बारिश हुई। इससे पहले 2015 में जून में 44.5 डिग्री तापमान पहुंचा था। आर्द्रता अधिकतम 56 व न्यूनतम 46 प्रतिशत रही।

हालांकि शाम में माैसम में थाेड़ा बदलाव देखने काे मिला और बादल छाने के साथ ही शहर के कई क्षेत्राें में हल्की बारिश हुई। लेकिन इससे गर्मी से काेई खास राहत नहीं मिली। शहर में पड़ रही तेज गर्मी से जल्द ही राहत मिलने वाली है।

माैसम विभाग के रांची केंद्र की मानें ताे बुधवार दाेपहर बाद हल्के बादल छाएंगे और तेज हवा के साथ शाम में बारिश हाे सकती है। इसका असर शुक्रवार तक देखने काे मिलेगा। मौसम विभाग की मानें तो झारखंड में साहिबगंज के रास्ते गुरुवार को मानसून प्रवेश करेगा। शुक्रवार काे तेज बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

मानसून ने बदली दिशा इस लिए झारखंड पहुंचने में हाे रही देरी
पूर्वानुमान के इतर इस बार मानसून के एक-दाे दिन की देरी से आने पर माैसम वैज्ञानिक रतन कुमार महताे ने कहा- इस बार मानसून का अलग ट्रेंड देखने काे मिल रहा है। हर बार यह पूर्वानुमान से अपनी दिशा बदल रहा है। यही वजह है कि समय से पहले आने की जगह यह देर से झारखंड में पहुंच रहा है।

पहले मौसम विभाग ने 15 जून को अरब की खाड़ी से गुजरात, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ हाेते हुए झारखंड में मानसून के प्रवेश की संभावना जताई थी। मानसून अपने निर्धारित समय से पहले 13 जून काे अरब सागर से शुरू हुआ लेकिन यह गुजरात के बाद मध्य प्रदेश की जगह महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु हाेते हुए बंगाल की खाड़ी से पूर्वाेत्तर भारत की तरफ बढ़ा है।

बालीगुमा के लोगों ने बिजली नहीं रहने पर एई काे घेरा

मानगाे के सहायक अभियंता (एई) तुषार अंबर का बालीगुमा के ग्रामीणाें ने मंगलवार काे बिजली नहीं रहने पर घेराव किया। उन्हें मानगाे के शंकाेसाई राेड नंबर एक स्थित कार्यालय के बाहर लाेगाें के विराेध का सामना करना पड़ा। बालीगुमा में साेमवार रात से बिजली आपूर्ति ठप थी।

आक्रोशित लाेगाें ने एई काे कार्यालय में प्रवेश करने से राेक दिया। ग्रामीणाें की मांग थी कि पहले बालीगुमा बगान एरिया के बिजली सिस्टम काे दुरुस्त किया जाए, यहां बिजली आपूर्ति ग्रामीण फीडर से हाेती है, जबकि ग्रामीण बालीगुमा ग्रिड से अापूर्ति करने की मांग कर रहे थे। इस पर एई ने आश्वासन दिया।

बिजली जीएम से मिलकर की सुधार करने की मांग
बागबेड़ा, कीताडीह व आसपास में बिजली आपूर्ति में सुधार करने की मांग काे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं व ग्रामीणाें ने मंगलवार काे बिजली विभाग के जीएम परिताेष कुमार काे मांग पत्र साैंपा। लाेगाें ने बिजली संकट से छुटकारा दिलाने की मांग की। लाेगाें ने संकट से निजात देने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।

इसके बाद सुधार नहीं होने पर लाेग जीएम कार्यालय का घेराव करेंगे। जीएम ने करनडीह के कार्यपालक अभियंता एस. बनर्जी काे फोन कर बिजली समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। माैके पर संतोष ठाकुर, राजकुमार सिंह, रामकेश्वर आदि मौजूद थे। ​​​​​​​

गैर कंपनी इलाके में राते में हो रही बिजली कटौती

झारखंड सरकार बाहर से बिजली खरीद नहीं पा रही है। इसका परिणाम है कि बिजली कटौती का संकट लगातार जारी है। बिजली विभाग काे दिन में साेलर एनर्जी और विंड एनर्जी से बिजली मिलती है। लेकिन रात में साेलर व विंड एनर्जी से सप्लाई बंद हाेने का असर पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पर हाे रहा है।

जमशेदपुर में बिजली विभाग काे अभी मांग से अ‌ाधी बिजली मिल रही है। पूरे कमांड क्षेत्राें में 160 मेगावाट बिजली की मांग है, जिसमें अभी 80 मेगावाट ही बिजली मिल रही है। इससे गैर कंपनी क्षेत्राें में सोमवार रात को हर 30 मिनट से एक घंटे तक लाेड शेडिंग हाेती रही।

मंगलवार को दिन में भी तीन से चार घंटे तक लोड शेडिंग हुई। मानगाे व करनडीह क्षेत्र में बिजली लाेड बढ़ने पर अभी 160 मेगावाट की मांग है। मगर बिजली संकट में इस समय दाेनाें क्षेत्र में 40-40 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। रात में लोड शेडिंग कर आपूर्ति की जा रही है।

दिन में साेलर एनर्जी व विंड इनर्जी से बिजली मिलती है। मगर रात में दाेनाें सिस्टम से बिजली मिलना बंद हाे जाती है। इस कारण बिजली कमी हाेने पर रात में लाेड शेडिंग कर आपूर्ति रिहायशी क्षेत्राें में की जा रही है। -विशाल कुमार, ईई, बिजली विभाग

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