सतर्क रहें:जिले में 78.7% को मिल चुकी है पहली डोज, पूजा से पहले 90 फीसदी का टारगेट

जमशेदपुर2 महीने पहले
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जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों संग बैठक करते डीसी सूरज कुमार। - Dainik Bhaskar
जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों संग बैठक करते डीसी सूरज कुमार।
  • महाराष्ट्र में गणेश महोत्सव तो केरल में ईद के बाद संक्रमण में आई तेजी

महाराष्ट्र में गणेश पूजा व केरल में ईद के बाद संक्रमण दर में काफी तेजी आई है। इन दो राज्यों से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा में संक्रमण के खतरे का भांपते हुए तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने पूजा शुरू होने से पूर्व अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन देने की योजना बनाई है। कोविड टेस्ट सेंटर भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

वैसे जिले में मंगलवार तक 18 प्लस की 16.77 लाख आबादी में 13.20 लाख को पहली डोज लगाई जा चुकी है, यानी 78.70 फीसदी आबादी सुरक्षा घेरे में आ गई है। इनमें 5,22,745 लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है। जमशेदपुर व इससे लगे ग्रामीण इलाके (सेंसेक्स विलेज) की करीब 9.21 लाख आबादी में 84 फीसदी लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। वैक्सीन की उपलब्धता रहने पर जिला प्रशासन का लक्ष्य पूजा से पहले 90 फीसदी आबादी को पहला टीका लगाकर सुरक्षित करना है।

जिला वैक्सीनेशन कोषांग के अनुसार, जिले की आबादी करीब 25,23,311 है। इसमें 18 साल या इससे अधिक उम्र वालों की संख्या 16,77,339 है। यह आंकड़ा वर्ष 2011 की जनगणना और उसके बाद प्रतिवर्ष औसत जनसंख्या वृद्धि के दर के आधार पर निकाली गई है। 2021 की जनगणना अभी शुरू नहीं हुई है।

डीसी ने ये आदेश भी दिए
1. जिन प्रखंडों में ममता वाहन कम हैं, वहां संख्या बढ़ाई जाए।

2. सभी पंचायतों में एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कराई जाए।

3.आयुष्मान योजना के तहत सभी सीएचसी में सुधार कराई जाए।

बंगाल की सीमा से लगे क्षेत्रों पर रहेगी नजर
तैयारी के सिलसिले में डीसी सूरज कुमार ने उपायुक्त कार्यालय सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की। डीसी ने कहा- पूजा के दौरान शहर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए। ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन कराया जाए, ताकि लोगों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाए। पूजा करीब आने पर ग्रामीण इलाकों में भी कोविड टेस्ट सेंटर बढ़ाए जाएंगे।

प्रसव पूर्व निबंधन में शहर आगे, गांव पिछड़े
प्रसव पूर्व देखरेख (एएनसी) के तहत निबंधन कराने में शहरी क्षेत्र की दर 114 प्रतिशत है, जबकि शहर से लगे सेंसेक्स विलेज में दर 85 प्रतिशत है। अन्य प्रखंडों की स्थिति खराब है। डीसी ने सभी एमओआईसी को स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण करने का आदेश दिया। संस्थागत प्रसव में खराब प्रदर्शन करने वाले मुसाबनी, पोटका व पटमदा के एमओआईसी का नोटिस जारी करने को कहा।

वैक्सीनेशन मेंं धालभूमगढ़ प्रखंड पहले पायदान पर

शुरुआती दौर में वैक्सीन लेने से परहेज करने वाले ग्रामीण इलाकों के लोग अब जागरूक हो चुके हैं। इसका नतीजा है कि वैक्सीन लेने में पहला पायदान पर धालभूमगढ़ प्रखंड है। यहां 92.40 फीसदी आबादी को पहली डोज लगाई जा चुकी है। हालांकि यहां सेकेंड डोज की दर काफी कम है। कुछ प्रखंड़ों में पहली और दूसरी डोज लेने वालों की संख्या में 6 गुना का अंतर है। जिले के प्रखंड़ों में अब तक सबसे कम 57.61 फीसदी वैक्सीनेशन मुसाबनी में हुआ है, लेकिन यहां सेकेंड डोज लेने वालों का अंतर सबसे कम है।

कहां-कितना टीकाकरण

प्रखंड पहली डोज दूसरी डोज बहरागोड़ा-गुड़ाबांदा 70.07 33.94 धालभूमगढ़ 92.40 24.92 बोड़ाम 71.43 13.33 पटमदा 79.67 20.94 चाकुलिया 76.77 21.73 डुमरिया 64.90 28.36 घाटशिला 75.02 34.07 मुसाबनी 57.61 33.03 पोटका 64.39 22.67 जमशेदपुर व आसपास 84.01 48.30

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