फर्जी निकला मामला:एमजीएम से भागी युवती ने बनाई एक माह तक गैंगरेप की झूठी कहानी, दो जिलों की पुलिस दिनभर परेशान

जमशेदपुर8 महीने पहले
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  • साकची में शोरूम का कर्मी बता परसुडीह में किराए पर लिया रूम

बामनगोड़ा (परसुडीह) में किराए के मकान में रहने वाली युवती (28) द्वारा कांदरबेड़ा में एक महीने तक गैंगरेप का आरोप लगाने से चांडिल सहित जमशेदपुर पुलिस सुबह से शाम तक परेशान रही। पुलिस युवती का ठिकाना खोजते हुए बामनगोड़ा पहुंची तो मामला फर्जी निकला।

चांडिल पुलिस गुरुवार रात 8 बजे बामनगोड़ा में युवती के मकान मालिक राजकुमार तिवारी के घर व उसके बाद एमजीएम अस्पताल पहुंची। वहां युवती के बारे में जानकारी मिली। युवती एचआईवी पॉजिटिव है। राजकुमार ने कहा- युवती 15 दिन पहले मेरेे घर भाड़े का कमरा लेने आई। उसने बताया- वह सरायकेला निवासी है व साकची में शोरूम में काम करती है। उनकी पत्नी ने 700 रुपए किराए पर कमरा दे दिया। युवती के पास कई युवकों का आना-जाना था। वो युवकों के साथ लड़ती भी थी। मंगलवार दोपहर 2 बजे युवती घर से निकली थी।

चांडिल पुलिस के अनुसार, बुधवार रात युवती टाटानगर स्टेशन के पास चाय दुकानदार को बिना कपड़ों के सोई मिली थी। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। चाय दुकानदार ने उसे कपड़ा दिया। फिर सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां से एमजीएम भेजा। गुरुवार सुबह 4 बजे युवती एमजीएम से भाग गई व कांदरबेड़ा पहुंची। वहां गैरेज के पास सो रहे व्यक्ति से पानी मांगा। युवती द्वारा ठंड लगने की बात पर उस व्यक्ति ने कंबल दिया।

इसके बाद युवती गैरेज के बाहर एक टेबल पर सो गई। गैरेज वाला सुबह उठा तो युवती को वहां से जाने को कहा। इसके बाद युवती मंजीत होटल के पास पहुंची व लोगों को नशे का इंजेक्शन देकर अपहरण करने व एक माह तक करीब 60 लोगों द्वारा गलत काम करने की जानकारी दी। आरोप पर पुलिस भी सकते में आ गई।

साकची में भी गैंगरेप की बनाई थी झूठी कहानी
चांडिल पुलिस के अनुसार, कुछ दिनों पूर्व यही युवती साकची पुलिस को वह बंगाल क्लब के पास रोती हुई मिली थी। एमजीएम हॉस्पिटल में इलाज के दौरान युवती ने बर्मामाइंस में कुछ युवकों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाया था। हालांकि जांच में गैंगरेप का मामला झूठा निकला था।

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