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टाटा लीज का मामला:मुख्य सचिव और सरयू राय की बैठक में बनी सहमति, 15 साल बाद नोडल अफसर सुलझाएंगे लीज का विवाद केबुल कंपनी को निलामी से बचाने डीसी से मांगी रिपोर्ट

जमशेदपुर8 महीने पहले
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टाटा लीज समझौते को लेकर उठनेवाले विवादों के हल के लिए राज्य सरकार जल्द किसी नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति करेगा। समझौते के 15 साल बीत जाने के बाद भी इसको लेकर होनेवाली आपत्ति को कोई व्यक्ति या संस्था कहां दर्ज कराएगी, अब तक तय नहीं है। समझौते में टाटा कंपनी को नागरिक सुविधाएं मुहैया कराना है। लेकिन वह कितनी सुविधाएंं मुहैया करा रही है, इसको देखनेवाला कोई अधिकारी ही नहीं है। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने आश्वस्त किया है कि सरकार की स्वीकृति लेकर इसके लिए जल्द ही उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को नोडल पदाधिकारी नामित कर दिया जाएगा।

इसके अलावा सरकार ने केबुल कंपनी को निलामी से बचाने के लिए अविलंब सरकार महाधिवक्ता की राय लेते हुए अविलंब कदम उठाएगी। मुख्य सचिव ने इससे पहले डीसी से केबुल कंपनी को लेकर तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव की जमशेदपुर की कतिपय ज्वलंत समस्याओं को लेकर जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय के साथ मंगलवार को हुई बैठक में इस तरह की सहमति बनी। पूरा जमशेदपुर शहर एक ही नगर निकाय के जिम्मे हो, इस पर भी सहमति बनी। जानकारी के अनुसार 2012-13 में जब अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री थे, पूरे जमशेदपुर शहर को नगर निगम बनाने की दिशा में निर्णय हुआ।

उसमें बस्तियां भी शामिल थी। लेकिन 2014 में रघुवर दास की सरकार बनने के बाद आधे शहर को औद्योगिक शहर और तीन अन्य नगर निगम बनाने की दिशा में बात अागे बढ़ी। औद्योगिक शहर के लिए चिन्हित क्षेत्र में 60 फीसदी जमीन 35 फीसदी जनसंख्या है।

इन प्रमुख मुद्दों को लेकर लग रहा आरोप

जमशेदपुर के लगभग सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों व कई तरह की संस्थाओं ने टाटा लीज समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं। उनमें टाटा स्टील म्यूटेशन ऑफ लैंड के तहत शुल्क प्राप्त कर रहा है। क्या कंपनी इसके लिए अधिकृत है। यह विवाद का विषय है। समझौते में लैंड की प्रकृति बदलकर वाणिज्यिक उपयोग के भी आरोप हैं। लाफार्ज, टिनप्लेट, कार्मेल काॅलेज व मेडिका को जमीन देने में लीज एग्रीमेंट के उल्लंघन का आरोप है। सोनारी के दोमुहानी के पास 20 एकड़ जंगल-झाड़ दर्ज भूमि पर बिना केंद्र की अनुमति के स्लैग डाला जा रहा है।

टाटा स्टील यूटिलिटी एंड इंफ्रास्ट्रकचर लि. जिसका कार्यक्षेत्र जमशेदपुर के साथ-साथ सरायकेला भी है, लेकिन झारखंड विद्युत नियामक आयोग के नियमों का पालन नहीं कर जुसको द्वारा जमशेदपुर में विद्युत संयोजन के लिए टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट से एनओसी मांग किया जाता है। बीपीएल परिवारों के स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम के लिए प्रति वर्ष 25 करोड़ रुपए दिये जाने थे, जो नहीं मिल रहा। कतिपय शिक्षण व अन्य संस्थानों को स्थानांतरित करना था, लेकिन अब तक नहीं किया गया।

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