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काेराेना पाॅजिटिव:हवा में घुल चुका है कोरोना का वायरस, इसलिए अधिक लोग हो रहे संक्रमित

जमशेदपुरएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के सलाहकार डॉ राजन चौधरी बोले

कोरोना के सेकेंड वेव एयर टू एयर ट्रांसमिशन नेचर का है यानी अब यह वायरस हवा में घुल चुका है। इसलिए संक्रमित के संपर्क में आए बगैर ही लोग काेराेना पाॅजिटिव हो जा रहे हैं। अभी मास्क ही संक्रमित होने से बचाएगा। ये बातें टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने शुक्रवार को टेली प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग में कहीं।

उन्होंने कहा- कोरोना वायरस अपना व्यवहार बदल चुका है। इसकी मारक और फैलने की क्षमता काफी तेज हो गई है। कोरोना वायरस के रोकथाम में करीब एक साल से अहम भूमिका निभा रहे डॉ राजन ने एक राहत की बात बताई। कहा- बिना लक्षण वाले मरीज में दस दिन के बाद वायरस का प्रभाव खत्म हो जाता है। अगर संक्रमित को 10 दिन के अंतिम तीन दिन तक बुखार न आया हो तो ऐसे व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण फैलने की आशंका नहीं के बराबर रह जाती है। डाॅ चौधरी ने कहा- शहर में कोरोना केस पीक पर है। दुनिया भर के विशेषज्ञ डॉक्टर के अनुभव के अनुसार, कोरोना जब पूरे पीक पर पहुंचता है तो दो सप्ताह के अंदर उसमें गिरावट होने की उम्मीद बढ़ जाती है। मई के तीसरे सप्ताह में इसका प्रभाव कम हाे सकता है।

बेड बढ़ जाएंगे, लेकिन मैन पॉवर होगी चुनौती

थर्ड वेव को लेकर कैसी तैयारी चल रही है, इस सवाल पर डॉ चौधरी ने कहा- साकची में 300 बेड वाले अस्पताल के अलावा कंपनी के आसपास की बिल्डिंगों में ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था करने की योजना है। लेकिन इन अस्पतालों को संचालित करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती मैन पॉवर होगी। 30 बेड पर चार डॉक्टर, 8-10 नर्स के साथ अन्य पारा मेडिकल स्टाफ की जरूरत होती है। हालांकि, एस्टेब्लिशमेंट बड़ा होने से मैनपॉवर का अनुपात घटता चला जाता है। टाटा स्टील के एचआर विभाग ने डॉक्टर-पारा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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