कोरोनाकाल को डीटीओ ऑफिस ने बनाया अवसर:4 महीने में डीटीओ ऑफिस ने 34 हजार वाहन मालिकों से वसूले 44 करोड़ रुपए

जमशेदपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाईल फोटो - Dainik Bhaskar
फाईल फोटो

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान झारखंड में लागू स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह (लॉकडाउन) को पूर्वी सिंहभूम जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) कार्यालय ने अवसर में बदल लिया। 22 अप्रैल से 31 मई 2021 के बीच डीटीओ ऑफिस के कर्मचारियों ने जिले के बकायदारों की सूची तैयारी की। जून में 57354 वाहन मालिकों की सूची तैयार की गई, जिन पर करीब 67 करोड़ रुपए का टैक्स बकाया था। वाहनों को चिन्हित किए जाने के बाद उनके मालिकों को बकाए राशि का भुगतान करने के संबंध में डीटीओ दिनेश कुमार रंजन की ओर से नोटिस जारी किया गया। इसके बावजूद राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर बकाएदारों के खिलाफ नीलाम-पत्र वाद अधिकारी विश्वनाथ माहेश्वरी की अदालत में मुकदमा दर्ज किया गया। अदालत ने 162 बड़े बकाएदारों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया। इस कार्रवाई के बाद दूसरे वाहन मालिकों ने जुलाई से अक्टूबर के बीच कुल 44.04 करोड़ रुपए (बकाया की 65 फीसदी राशि) डीटीओ ऑफिस में जमा कराए। 30 अक्टूबर तक 22387 वाहनों से बकाया टैक्स की वसूली के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रही। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान 22 अप्रैल से 31 मई तक सरकारी कार्यालयों में आमलोगों के कामकाज पूरी तरह बंद रहे। डीटीओ ऑफिस में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस नवीकरण और पुराने वाहन की खरीद-बिक्री के हस्तांतरण का काम बंद था। नए वाहनों का निबंधन ऑनलाइन होता था। खरीदार वाहन शोरूम में ही निबंधन (रजिस्ट्रेशन) की राशि जमा करते थे, जिसके आधार पर उन्हें नंबर आवंटित किया जाता था। इस दौरान डीटीओ ऑफिस के कर्मचारी सुबह 10 बजे ऑफिस आते और कुछ समय कार्यालय में बिताने के बाद अपने घर चले जाते थे। इस पर डीटीओ दिनेश कुमार रंजन ने कर्मचारियों को पुराने बकाएदारों की सूची बनाने का आदेश दिया। इस तरह बनाई गई योजना: डीटीओ ने बकाएदारों की सूची बनाने का आदेश दिया

57374 वाहन किए गए चिन्हित

डीटीओ ऑफिस के कर्मचारियों ने पुराने रजिस्टरों के अलावा ऑनलाइन पंजीकृत वाहनों के रिकॉर्ड खंगाले और बड़े बकाएदारों को चिन्हित िकया। कर्मचारियों ने कुल 57374 वाहन की सूची बनाई। इसमें टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड और मिथिला मोटर्स लिमिटेड जैसे संस्थान के वाहन भी शामिल थे। इसलिए इतनी राशि बकाया व्यावसायिक वाहनों के लिए हर तीन माह में टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। पुराने वाहनों के मालिक टैक्स जमा नहीं करते हैं। वे थानों को मैनेज कर वाहन चलवाते हैं। जेसीबी, हाइवा व ट्रैक्टर के मालिक निबंधन के बाद टैक्स नहीं देते। इसी तरह झारखंड में चलने वाली बसों के मालिक भी टैक्स भुगतान से परहेज करते हैं।

बड़े बकाएदारों पर कार्रवाई जारी ^ स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान डीटीओ कार्यालय में सामान्य कामकाज बंद रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने टैक्स का भुगतान नहीं करने वाले वाहनों को चिन्हित किया। संबंधित वाहन मालिकों को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद भी जिन लोगों ने बकाया का भुगतान नहीं किया उनके खिलाफ नीलाम-पत्र वाद दायर किया। कोर्ट ने लगभग 162 वाहन मालिकों को वारंट जारी किया है। अब भी बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। -दिनेश कुमार रंजन, डीटीओ, पूर्वी सिंहभूम

खबरें और भी हैं...