सशर्त मंजूरी:एमजीएम के सात विभागों में पीजी की पढ़ाई से पहले इकोकार्डियोग्राफी और सीटी स्कैन मशीन लगानी होगी

जमशेदपुर2 महीने पहले
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इकोकार्डियोग्राफी मशीन। - Dainik Bhaskar
इकोकार्डियोग्राफी मशीन।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल को विकसित करने का कार्य लगातार जारी है। अगर, सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो बहुत जल्द ही यहां कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

दरअसल, नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने एमजीएम में गायनोकोलाजी, फार्माकोलाजी, मेडिसिन, सर्जरी समेत कई विषयों में 19 सीटों पर पीजी की पढ़ाई शुरू करने को हरी झंडी दी है। हालांकि, इससे पूर्व कुछ खामियों को दूर करने का निर्देश दिया है। इसमें इकोकार्डियोग्राफी व सीटी स्कैन मशीन भी शामिल है। काॅलेज प्रशासन दिसंबर तक इन मशीनाें काे लगवाने में जुट गया है।

एमजीएम में पहली बार इकोकार्डियोग्राफी मशीन लगेगी। इसका इस्तेमाल हृदय रोग के निदान में किया जाता है। डाॅक्टरों का कहना है कि इसके माध्यम से हृदय, उसकी शक्ल, उसका आकार, पंपिंग क्षमता सहित अन्य अन्य जानकारी मिल सकेगी और उसके आधार पर मरीजों का इलाज संभव होगा। फिलहाल, यह सुविधा एमजीएम में नहीं है।

यहां हृदय के मरीज को बाहर में इकोकार्डियोग्राफी कराना पड़ता है। इसके एवज में मरीजों को 1500-2000 दो हजार रुपए देना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के पास इतनी रकम नहीं होती कि वह जांच करा पाए। ऐसे में उनको बिना जांच कराए ही वापस लौटना पड़ता है। लेकिन, अब यह मशीन लगने से मरीजों की मुफ्त में जांच हो सकेगी। वहीं, नए सीटी स्कैन मशीन भी खरीदी जाएगी। इसका ऑर्डर दिया जा चुका है।

इकोकार्डियोग्राफी मशीन लगने से हृदय राेग के मरीजों के इलाज में होगी सुविधा

उम्मीद है कि जल्द ही ये दोनों सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अभी एमजीएम में सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी हुई है। इस कारण मरीजों की जांच बंद पड़ी है। एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि मशीन को बनाने के लिए संबंधित व्यक्ति को बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने नई मशीन लगाने की सलाह दी है। क्योंकि यह मशीन पूर्व में कई बार खराब हो चुकी है। इसलिए नए मशीन का ऑर्डर दिया गया है जो दिसंबर तक लग जाएगी।

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