एबीएम के 24 शिक्षकाें के कागजात ले गई टीम:फर्जी ढंग से नियुक्त शिक्षक नपेंगे, सुप्रीम काेर्ट के आदेश पर जांच शुरू

जमशेदपुर2 महीने पहले
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सुप्रीम कोर्ट। - Dainik Bhaskar
सुप्रीम कोर्ट।

काेल्हान यूनिवर्सिटी के एबीएम काॅलेज सहित राज्य के कुल 12 नवअंगीभूत काॅलेजाें में फर्जी तरीके से नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी फॉरेंसिक टीम ने नियुक्ति की जांच शुरू कर दी है। इसमें केयू के एकमात्र नवअंगीभूत एबीएम काॅलेज के 24 शिक्षक व कर्मचारी शामिल हैं।

टीम ने एबीएम कॉलेज पहुंचकर मामले की जांच की और शिक्षकाें से संबंधित सभी कागजात जब्त कर साथ ले गई। संयुक्त बिहार के समय 40 कॉलेजों को नवअंगीभूत किया गया था। इनमें 12 काॅलेज झारखंड के हिस्से आ गए। काेर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि इन कॉलेजों में शिक्षक व कर्मचारी के पद पर कई लाेगाें की फर्जी तरीके से बहाली हुई है।

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद वर्ष 2018 में झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने काेर्ट के आदेश का हवाला देकर नवअंगीभूत कॉलेजों में सेवा दे रहे 122 से अधिक शिक्षकों-कर्मचारियों का वेतन रोक दिया।

1986 से चल रहा मामला, एसबी सिन्हा आयोग की आड़ में कई शिक्षकों ने बिना सेवा दिए लिया लाभ

यह मामला वर्ष 1986 से चल रहा है। अग्रवाल कमीशन आर-1 ग्रेड के शिक्षकों का समायोजन तत्काल कर दिया। आर-2 ग्रेड का नहीं हो सका। इसके बाद गठित एसबी सिन्हा कमीशन के आदेश की आड़ में कई लोगों ने फर्जी तरीके से नियुक्ति करा ली और बिना सेवा दिए ही सारा लाभ अर्जित किया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित टीम अपना काम कर रही है। टीम ने नवअंगीभूत एबीएम कॉलेज का दौरा किया है। टीम का काेल्हान विश्वविद्याल के साथ कोई संपर्क नहीं है। वह स्वतंत्र तरीके से अपना काम कर रही है। -डाॅ. पीके पाणि, जनसंपर्क पदाधिकारी, केयू

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