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48 घंटे से बारिश खरकई खतरे के निशान पर:मॉनसून का पहला डीप डिप्रेशन यानी बंगाल की खाड़ी में तूफान बनने से पहले की स्थिति

जमशेदपुर12 दिन पहले
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24 घंटे में सबसे अधिक बारिश 89.7 मिमी हजारीबाग में हुई। उसके बाद धनबाद में 80 मिमी और कोडरमा 71 मिमी दर्ज की गई। जमशेदपुर में 23 मिमी बारिश हुई। - Dainik Bhaskar
24 घंटे में सबसे अधिक बारिश 89.7 मिमी हजारीबाग में हुई। उसके बाद धनबाद में 80 मिमी और कोडरमा 71 मिमी दर्ज की गई। जमशेदपुर में 23 मिमी बारिश हुई।
  • लगातार वर्षा से जनजीवन प्रभावित, कल साफ होगा मौसम

जमशेदपुर समेत पूरे राज्य में दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। कभी धीमी तो कभी तेज। इससे एक ओर जहां जनजीवन प्रभावित है, वहीं खेतों में लगी धान की फसलों के लिए यह अमृत समान है। तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण मौसम में ठंडक बढ़ी है। जमशेदपुर में खरकई व सुवर्णरेखा नदी उफान पर हैं। खरकई डेंजर लेवल तक पहुंच गई है। मंगलवार की रात 10 बजे इसका जलस्तर 128.97 मीटर पहुंच गया, जबकि डेंजर लेवल 129 मीटर है।

वहीं, सुवर्णरेखा 119.12 मीटर के स्तर पर बह रही थी। इसका डेंजर लेवल 121.50 है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया है कि इस मॉनसून सीजन में पहली बार डीप डिप्रेशन बना है, जिससे बारिश का क्रम जारी है। बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर डीप डिप्रेशन में बदल गया है, जिसका असर झारखंड पर दिख रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि बुधवार दोपहर से बारिश का असर कम हो जाएगा।

क्या है डीप डिप्रेशन

हवा की गति 51-62 किमी प्रति घंटा के बीच हो जाती है

समुद्र के गर्म क्षेत्र में मौसम की गर्मी से हवा गर्म होकर निम्न वायु दाब का क्षेत्र बनाती है। हवा गर्म होकर ऊपर आती है और ऊपर की नमी से मिलकर संघनन से बादल बनाती है। इस वजह से खाली जगह भरने के लिए नम हवा तेजी से नीचे आकर ऊपर जाती है। जब हवा बहुत तेजी से उस क्षेत्र के चारों ओर घूमती है तो घने बादलों के साथ बारिश करती है। जब हवा की गति 31-50 किमी/घंटा के बीच होती है तो इसे लो डिप्रेशन कहा जाता है। वहीं जब गति 51-62 किमी/घंटा के बीच होती है तो इसे डीप डिप्रेशन कहते हैं। इसके बाद हवा की गति बढ़ती है तो डीप डिप्रेशन तूफान में बदल जाता है।

आगे क्या : 18 तक राज्य के कई इलाकों में बारिश होगी

  • 15 सितंबर : राज्य के कई स्थानों पर हल्के व मध्यम दर्जे की बारिश। वज्रपात की भी आशंका है।
  • 16 सितंबर : राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्से में कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना।
  • 17 सितंबर : उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बारिश की संभावना।
  • 18 सितंबर : मध्य तथा पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार।

जमशेदपुर समेत राज्यभर में बारिश के ये असर

नदियों का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

लगातार बारिश से जमशेदपुर में खरकई और सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जुगसलाई और बागबेड़ा में सुबह तक कई घरों में पानी भर सकता है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि ओडिशा के मयूरभंज में खरकई डैम व व्यांगविल डैम के फाटक अभी नहीं खोले गए हैं।

दिल्ली व चेन्नई से आ रहे 3 प्लेन रांची में नहीं उतर सके
बारिश का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा है। दिल्ली और चेन्नई से आ रहे तीन प्लेन तेज हवा और विजिबिलिटी कम होने के कारण रांची एयरपोर्ट पर नहीं उतर सके। इनमें दिल्ली से आ रहे विस्तारा एयरलाइंस और इंडिगो के प्लेन शामिल हैं। दोनों को भुवनेश्वर व बनारस डायवर्ट कर दिया गया। वहीं चेन्नई से आ रहे विमान को भुवनेश्वर डायवर्ट कर दिया गया।

धान की फसल के लिए फायदेमंद, सब्जियों को नुकसान
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए वरदान है, जबकि सब्जी उत्पादकों के लिए चिंताजनक। रिमझिम बारिश होने से खेतों में लगी धान की फसल को प्राण वायु मिलेगी। उनके फूट चुके और फूट रहे अंकुर मजबूत होंगे। वहीं खेतों में पानी जमने से भिंडी, टमाटर, धनिया, गोबी आदि सब्जियों के पौधे गल रहे हैं।

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