अपराध:पाकिस्तान से हथियार और ड्रग्स की तस्करी करने वाले गेवी सिंह ने बारीडीह में खोला था जिम, रेस्टोरेंट खोलने की कर रहा था तैयारी

जमशेदपुर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पंजाब के अपराधी की गिरफ्तारी का मामला
  • टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मी को चाचा बता आदित्यपुर में लिया था फ्लैट

पाकिस्तान से भारत में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी करने वाले कुख्यात अपराधी गेवी सिंह उर्फ विजय डेढ़ साल से बिरसानगर के त्रिवेणी अपार्टमेंट में छिपकर रह रहा था। वह यहां अंकित कुमार शर्मा के नाम से जिम ट्रेनर के रूप में रहकर शराफत की जिंदगी जी रहा था। बारीडीह में वह जिम सेंटर चलता था। लेकिन, लॉकडाउन के कारण जिम बंद हो गया।

इसके बाद वह यहां रेस्टोरेंट खोलने की तैयारी में था। त्रिवेणी अपार्टमेंट के फ्लैट मालिक द्वारा उक्त फ्लैट को बेचने के बाद वह आदित्यपुर कल्पनापुरी स्थित श्रीनाथ ग्लोबल विलेज के फ्लैट अमूर 103 में 15 दिनों पूर्व रहने चला गया। यहां से पंजाब पुलिस ने उसे सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया। यहां वह पत्नी व 6 माह के बेटे के साथ रह रहा था। उक्त फ्लैट टाटा मोटर्स कर्मचारी राजेश कुमार का है। यह सब बातें गेवी ने फ्लैट लेने के पूर्व टाटा मोटर्स कर्मचारी राजेश कुमार से कही थी।

टाटा स्टील का रिटायर्ड कर्मी बना गारंटर

श्रीनाथ ग्लोबल विलेज में गेवी को फ्लैट दिलाने में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मी गारंटर बने थे। गेवी ने बारीडीह में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मी को चाचा बताया है। टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मी ने एग्रीमेंट पेपर पर साइन भी किया है और उन्होंने अपना आधार कार्ड भी दिया है। श्रीनाथ ग्लोबल विलेज में फ्लैट रेंट पर लेने से पूर्व टाटा मोटर्स कर्मी राजेश कुमार को उसने खुद को अंकित कुमार शर्मा बताया था। अंकित कुमार शर्मा के नाम से ही एक आधार कार्ड उसने टाटा मोटर्स कर्मी को दिया था। पत्नी नीतू के नाम से उसने फ्लैट 18 हजार रुपए प्रतिमाह रेंट पर लिया था।

आदित्यपुर पुलिस को गेवी का फर्जी कागजात किया जमा

इधर, टाटा मोटर्स कर्मी राजेश ने गेवी द्वारा दिए फर्जी कागजात को आदित्यपुर पुलिस को बुधवार को सौंपा है। बैंक डाक्यूमेंट्स, रेंट एग्रीमेंट, आधार कार्ड, टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मी द्वारा किए सिग्नेचर समेत अन्य कागजात पुलिस को सौंपे हैं। आदित्यपुर पुलिस उन सभी लोगों से पूछताछ करेगी जिसने गेवी को पनाह देने में मदद की। हालांकि आदित्यपुर पुलिस ने इस मसले पर कुछ भी बताने से इनकार किया है।

शहर से ही गैंग को संचालित कर रहा था

जयपाल गैंग का कुख्यात गेवी शहर से गैंग चला रहा था। वाट्सएप कॉल कर से पंजाब के बड़ेे कारोबारियों से फिरौती मांगता था। गैंग के सदस्यों के साथ व्हाट्स एप कॉल करता था। पंजाब पुलिस को गेवी का लोकेशन आदित्यपुर में मिला। गेवी जमशेदपुर व आदित्यपुर में भी कई अपराधियों के संपर्क में था। गेवी यहां अपना ड्रग्स का कारोबार फैलाना चाहता था। ट्रक कारोबारियों के संपर्क में था। पाकिस्तान से पंजाब व जम्मू कश्मीर के रास्ते भारत में ड्रग्स-हथियार कारोबारियों को सप्लाई करता था। गेवी का मुख्य पेशा हाइवे पर वाहन चालकों से लूट व डकैती करना था। पंजाब में उसके खिलाफ लूट, डकैती, एनडीपीएस एक्ट समेत कई केस दर्ज हैं।

खबरें और भी हैं...