सुधारने की कोशिश:स्वास्थ्य मंत्री की इच्छा, एमजीएम में भी हाे टाटा का हस्तक्षेप, व्यवस्था में जुस्को करेगी सहयोग

जमशेदपुर9 महीने पहले
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इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज का हाल-चाल जानते मंत्री व अन्य। - Dainik Bhaskar
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज का हाल-चाल जानते मंत्री व अन्य।
  • मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया अस्पताल का निरीक्षण, सभी एचओडी संग मैराथन बैठक

काेल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने शुक्रवार काे मिशन कायाकल्प अभियान की शुरुआत की। शाम को डीसी सूरज कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारियाें के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। एमजीएम की व्यवस्था में टाटा कंपनी काे शामिल करने की इच्छा जताई। अस्पताल परिसर की सड़क समेत अन्य खामियों को दूर करने के लिए जुस्काे के महाप्रबंधक कैप्टन धनंजय मिश्रा को कहा। बन्ना ने कहा- टाटा स्टील के एमडी और वाइस प्रेसिडेंट (सीएस) से इस मुद्दे पर बातचीत हुई है।

उन्होंने सीएसआर के तहत मदद करने का आश्वासन दिया। इसके तहत जुस्काे को बेसिक चीजों को ठीक कराने की जिम्मेवारी दी गई है। 15 दिनों में बदलाव नजर आने लगेंगे। निरीक्षण के बाद मंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर सुझाव मांगा। अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए सरकारी तंत्र वर्षों से काम कर रहा है, लेकिन काेई बदलाव नहीं हुआ। पहली बार स्वास्थ्य मंत्री ने खुले तौर पर जुस्को काे व्यवस्था ठीक करने की जिम्मेदारी देने की बात कही। माैके पर एसडीओ संदीप कुमार मीणा, कैप्टन धनंजय मिश्रा, अधीक्षक डाॅ अरुण कुमार आदि मौजूद थे।

ढाई घंटे तक एमजीएम अस्पताल में रहे बन्ना

बन्ना गुप्ता शाम करीब 4.45 बजे एमजीएम पहुंचे और सीधे इमरजेंसी में मरीजों से मुलाकात की। स्थितियां कुछ बदली नजर आईं। हालांकि एक घंटे पहले तक इमरजेंसी की हालत पहले जैसी ही थी। इसके बाद मंत्री ने अस्पताल के प्रस्तावित नए भवन व 100 बेड के माड्यूलर आईसीयू स्थल का निरीक्षण किया। मंत्री जब बर्न यूनिट में जाने को बढ़े तो साथ चल रहे अस्पताल अधीक्षक डाॅ अरुण कुमार ने वार्ड की स्थिति दयनीय होने की बात कहकर अंदर जाने से मना किया। मंत्री करीब ढाई घंटे तक अस्पताल में रहे। इस दाैरान डीसी समेत अन्य अधिकारियाें काे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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