गवाही:5 साल में आज तक दो आईओ गवाही देने नहीं पहुंचे अदालत

जमशेदपुर2 महीने पहले
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श्रद्धांजलि देते वर्मा परिवार के लोग। - Dainik Bhaskar
श्रद्धांजलि देते वर्मा परिवार के लोग।

बागबेड़ा के नागाडीह में 18 मई 2017 की शाम को बच्चा चोरी के अफवाह में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत चार की हत्या मामले में बुधवार नया बाजार जुगसलाई में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान परिवार के लोगों ने दरिंदों को मौत की सजा मिलने की आस लगाएं बैठे है।

वहीं घटना के पांच साल पूरे होने के बाद आजतक मामले में दो आईओ (अनुसंधानकर्ता) गवाह देने नहीं पहुंचे है। अनुसंधानकर्ता में अवधेश कुमार और गणेश नारायण सिंह शामिल है।

मामले की सुनवाई कर रही एडीजे वन कुमार दिनेश की अदालत ने दोनों आईओ को गवाही देने के लिए दो बार सम्मन भेजा, लेकिन दोनों नहीं पहुंचे। 23 मई को फिर दोनों की गवाही की तारीख है। मामले में पीपी राजीव कुमार है।

इधर, बुधवार को परिवार वालों के घर के पास सुबह 11 बजे से लेकर दिन के तीन बजे तक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पड़ोसियों समेत अन्य कइयों ने पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मालूम हो कि जुगसलाई नया बाजार निवासी विकास वर्मा, गौतम वर्मा उनकी बुजुर्ग दादी रामसखी देवी और उनके मित्र गंगेश गुप्ता की हत्या हुई थी।

इस मामले में मृत विकास वर्मा के भाई उत्तम वर्मा की शिकायत पर बागबेड़ा थाने में मुखिया राजाराम हांसदा, ग्राम प्रधान जगत मार्डी, सुनील सरदार, डॉक्टर मार्डी, गुलाम सरदार ,गोपाल, सुभाष सरदार समेत कुल 22 नामजद और 150 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

22 नामजद समेत 150 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी प्राथमिकी

^बागबेड़ा में बच्चा चोरी की अफवाह में पहले सभी को बंधक बनाया जाता है उसके बाद उन्हें पहचान पत्र दिखाने को कहा जाता है। इसके बाद भीड़ उन्हें पुलिस के सामने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार देती है। अब भी उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा। -प्रतीमा वर्मा मृतक की बहन।

घटना के 5 साल बीतने के बाद भी मुख्य पांच अभियुक्त अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है कि हमारे परिवार को न्याय मिलेगा और दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी -उत्तम वर्मा, मृतक का भाई।

घटना के बाद जिले के उपायुक्त परिजनों को ढेर सारा आश्वासन देकर गए पर आज तक उन आश्वासनों की पूर्ति नहीं हुई। न्यायालय से दोषियों को फांसी की सजा मिले तब हमलोगों को शांति मिलेगी।
-मालिकसेन प्रसाद, मृतक विकास वर्मा के पिता।

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