ग्रेजुएट कॉलेज में फिर हंगामा:केयू ने परीक्षा से दो दिन पहले फार्मूला बदला ग्रेजुएट कॉलेज ने छात्रों को जानकारी नहीं दी

जमशेदपुर2 महीने पहले
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ग्रेजुएट कॉलेज के खिलाफ हंगामा करते जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज के विद्यार्थी। - Dainik Bhaskar
ग्रेजुएट कॉलेज के खिलाफ हंगामा करते जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज के विद्यार्थी।
  • जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज के छात्रोंं ने 3 घंटे कैंपस काे घेरे रखा

ग्रेजुएट काॅलेज में बुधवार काे जमशेदपुर वर्कर्स काॅलेज के विद्यार्थियों ने फिर हंगामा किया। करीब तीन घंटे तक पूरा परिसर उनके कब्जे में रहा। विद्यार्थियों ने कहा- स्नातक छठे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए ग्रेजुएट काॅलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। ग्रेजुएट की शिक्षिकाएं वर्कर्स कॉलेज के छात्राें के साथ गलत व्यवहार कर रही हैं। 23 सितंबर काे काॅलेज प्रबंधन द्वारा इकोनॉमिक्स की जगह भूगाेल का पेपर देनेे पर जानकारी दी गई तो शिक्षिकाओं ने दुर्व्यवहार किया।

24 सितंबर काे जीएसटी व अन्य विषयाें की परीक्षा काे लेकर विवि की ओर से भेजे गए सही फार्मूले से छात्राें काे अवगत नहीं कराया, जबकि कोल्हान विवि की ओर से स्पष्ट निर्देश था कि परीक्षा शुरू हाेने से पहले सभी विद्यार्थियाें काे संबंधित फार्मूले की जानकारी देनी है। इस वजह से विद्यार्थी विवि के तय मानक के अनुसार परीक्षा नहीं दे पाए, जबकि दूसरे काॅलेजाें में परीक्षार्थियाें काे फार्मूले की पूरी जानकारी दी गई। कुलपति कार्यालय के आश्वासन पर विद्यार्थी शांत हुए।

यह है मामला: केयू ने जाे प्रश्नपत्र तैयार किया था, उसके तहत ग्रुप-ए में 2-2 अंक के 10 प्रश्न, ग्रुप-बी में 5-5 अंक के 4 प्रश्न, ग्रुप-सी में 15-15 अंक के 2 प्रश्नों का उत्तर देना था। परीक्षा से दाे दिन पहले 22 सितंबर काे विवि ने इस प्रश्नपत्र काे लेकर नया फार्मूला तैयार किया। इसके तहत ग्रुप-ए में 10 अंक के 2 प्रश्न (कुल 20 अंक), ग्रुप-बी में 10 अंक के 3 प्रश्न (कुल 30 अंक) और ग्रुप-सी में 20 अंक के 1 प्रश्न (कुल 20 अंक) का उत्तर देना था।

केयू ने सभी काॅलेजाें काे कहा था कि परीक्षा शुरू हाेने से पहले विद्यार्थियों को नए फार्मूले की जानकारी दी जाए। लेकिन ग्रेजुएट प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया गया। इस वजह से जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज के विद्यार्थियों ने ग्रुप-ए में 10 प्रश्नों के उत्तर कम शब्दाें में लिखे, जबकि संशोधित फार्मूले के तहत प्रश्नों के अंक बढ़ाए जाने पर उत्तर अधिक शब्दाें में हाेना चाहिए था।

विवि काे पुराने प्रश्नपत्र पर नया फार्मूला बनाने की जगह पूरे प्रश्नपत्र काे ही बदलते हुए नए फार्मूले के हिसाब से प्रश्नपत्र तैयार करना चाहिए था। लेकिन ऐसा न करते हुए सिर्फ नया फार्मूला तय कर दिया गया, जिसकी वजह से यह पूरी गलती हुई।

छात्र लिखित शिकायत देंगे तो समाधान करेंगे

प्रश्नपत्र के संशोधित फार्मूले की जानकारी परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से सभी काॅलेजाें काे दे दी गई थी। अगर किसी काॅलेज ने परीक्षार्थियाें काे नए फार्मूले की जानकारी नहीं दी है ताे यह गलत है। हम छात्राें की बात सुनेंगे। वे लिखित शिकायत देंगे तो उसका समाधान किया जाएगा।
-डाॅ एके चाैधरी, परीक्षा नियंत्रक, केयू

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