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उच्च शिक्षा विभाग व काेल्हान विश्वविद्यालय आमने-सामने:राजभवन या उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति लिए बिना जांच के लिए वीमेंस यूनिवर्सिटी पहुंची केयू की टीम, अधिकार क्षेत्र पर उठे सवाल

जमशेदपुरएक महीने पहले
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  • एचआरडी जिसे मान रहा वीमेंस यूनिवर्सिटी केयू उसे बता रहा अपना काॅलेज, यहां स्थानांतरण से लेकर जांच तक करा रहे कुलपति

जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर उच्च शिक्षा विभाग व काेल्हान विश्वविद्यालय आमने-सामने आ गए हैं। केयू के वीसी की ओर से गठित टीम ने साेमवार काे महिला विवि पहुंचकर 5 घंटे तक वित्तीय मामलाें से संबंधित कई फाइलाें की जांच की। इस दाैरान प्रिंसिपल कार्यालय काे बंद रखा गया। वीमेंस यूनिवर्सिटी में अचानक केयू की जांच टीम पहुंचने पर सवाल भी उठने लगे हैं।

जानकाराें का कहना है कि बिना राजभवन या उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति लिए किसी विवि की टीम दूसरे विवि में जाकर कैसे जांच कर सकती है। जांच टीम के संबंध में पूछे जाने पर केयू के वीसी प्राे. गंगाधर पांडा ने व्यस्तता की बात कहते हुए कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

दरसअल, ऑटाेनाॅमस वीमेंस काॅलेज काे वीमेंस यूनिवर्सिटी में अपग्रेड किया गया है। लेकिन काेल्हान विवि इसे अब भी वीमेंस काॅलेज मानते हुए अपने अधीन हाेने का दावा कर रहा है।

केयू के कुलपति ने जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की कई शिक्षिकाओं का किया स्थानांतरण

केयू के वीसी प्राे. गंगाधर पांडा अक्सर जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी का निरीक्षण करने पहुंच जाते हैं। यहां की कई शिक्षिकाओं का तबादला कर चुके हैं। 11 दिसंबर को वीसी ने महिला विवि में करीब 3 घंटे तक विभिन्न मुद्दाें पर जानकारी ली। कहा जा रहा है प्रो. पांडा महिला विवि काे भी अपने अधिकार में रखना चाहते हैं।

क्या है पूरा मामला

यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से पहले जमशेदपुर वीमेंस काॅलेज काेल्हान विश्वविद्यालय का अंगीभूत काॅलेज था। यहां के सभी फैसले केयू ही लेता था। 2019 में इसे वीमेंस यूनिवर्सिटी में अपग्रेड कर दिया गया। इसके बावजूद 2020 में यहां नामांकन केयू के अंतर्गत ही हुए। 2021 से यह यूनिवर्सिटी के रूप में काम करने लगा है। नामांकन प्रक्रिया वीमेंस यूनिवर्सिटी के नाम पर शुरू हुई है। हालांकि अभी यहां कुलपति-रजिस्ट्रार की नियुक्ति नहीं हुई है।

सूचना लीक हाेने से नाराज हैं कुलपति
महिला विवि में साेमवार काे केेयू की जांच टीम के पहुंचने के मामले काे शनिवार काे प्राे गंगाधर पांडा के निरीक्षण से जाेड़ा जा रहा है। वे चाहते थे कि इस निरीक्षण की जानकारी मीडिया में न जाए। खबर लीक हाेने से प्राे. पांडा नाराज हैं।

क्या कहता है नियम: तय नियमावली के तहत हर विवि का अपना अधिकार क्षेत्र हाेता है। इसमें दूसरा विवि हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। अगर किसी मामले काे लेकर दूसरे विवि काे जांच करने की आवश्यकता है, ताे राजभवन या उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति लेनी हाेगी।

सभी विवि का अपना अधिकार क्षेत्र हाेता है। वे एक-दूसरे का अतिक्रमण नहीं कर सकते। कुलपतियों काे यह जानकारी हाेती है। इसके बाद भी काेई अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करता है, ताे इसके लिए वह खुद जिम्मेदार हाेगा।- केके खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग

यह एक रूटीन जांच थी। केयू की टीम अपने काॅलेजाें में इस प्रकार की जांच करती रहती है। इसमें कुछ नया नहीं है। - डाॅ पीके पाणि, प्रवक्ता, काेल्हान विवि

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