कोरोना इफेक्ट / एमजीएम का आइसोलेशन वार्ड फुल, 100 की जगह 104 संदिग्धों का चल रहा इलाज

MGM's isolation ward full, 104 suspects being treated instead of 100
X
MGM's isolation ward full, 104 suspects being treated instead of 100

  • हर दिन आ रहे औसतन 35 मरीज, जिन्हें आइसोलेशन में रखना जरूरी
  • अस्पताल में 38 संदिग्ध कोविड मरीजों के आने के बाद और अतिरिक्त चार बेड लगाए गए
  • आईसीएमआर की नई गाइडलाइन जारी, एमजीएम अस्पताल प्रबंधन ने इसी के आधार पर शुरू किया इलाज

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:25 AM IST

जमशेदपुर. एमजीएम के 100 बेड का कोरोना वार्ड फुल हो गया है। शुक्रवार को 38 संदिग्ध मरीजों के आने के बाद अतिरिक्त 4 बेड लगाया गया। लेकिन शुक्रवार शाम सात बजे के बाद किसी मरीज को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में जगह नहीं मिल पाई। समाचार लिखे जाने तक कोई मरीज नहीं आया था लेकिन शनिवार की सुबह से मरीज आएंगे। 
इनको कहां रखा जाएगा इसका जवाब अस्पताल प्रबंधन के पास नहीं है। वहीं सदर अस्पताल में भी 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है जहां भी नो बेड की स्थिति बनी है। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी जिले के सिविल सर्जन समेत अफसरों को दी। अस्पताल में मौजूद संसाधन व कोरोना संदिग्धों की बढ़ती संख्या के बारे में भी बताया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्रवासी मजदूर, पर्यटक, छात्र व अन्य लोगों के शहर आने के बाद अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 15 दिनों में 550 मरीजों को एडमिट किया।
150 बेड लगाने की योजना: सीएस
प्रवासी मजूदरों के आने से संदिग्ध मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। एमजीएम में अभी 100 बेड हैं, इसे 150 करने पर बातचीत हुई है। उम्मीद है कि समाधान होगा। अभी भी कोई मरीज आएगा तो उसे एडमिट करने भर संसाधन मौजूद है। जिले वासी सावधानी से रहें बाकी व्यवस्था की जाएगी। - डॉ. महेश्वर प्रसाद, सीएस

कोल्हान में मिले 21 मरीजों में से 17 में वायरस के हल्के लक्षण, इनमें संक्रमण का खतरा कम
कोरोना के दहशत में जी रहे शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। जमशेदपुर समेत पूरे काेल्हान में गुरुवार तक मिले 21 मरीजाें में से 80 प्रतिशत यानी करीब 17 में काेराेना के हल्के लक्षण हैं। वहीं, किसी काे भी बुखार नहीं है। ऐसे में इनसे दूसराें में संक्रमण फैलने का खतरा कम है। आईसीएमआर की नई गाइडलाइन में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी गाइडलाइन एमजीएम अस्पताल को मिल गई है। इसके अनुसार जिन मरीजों में यदि 10 दिनाें तक कोरोना का लक्षण नहीं दिखाई दिया, ताे उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। ऐसे मरीजों में अगर इतने लंबे समय तक कोई भी गंभीर लक्षण नहीं दिखाई देने पर वैसे मरीज संक्रमण नहीं फैला सकते हैं। गइडलाइन में यह भी कहा गया है कि देश में अभी तक जितने मरीज मिले हैं उसमें से 69 प्रतिशत बिना लक्षण वाले हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हो सकते हैं जो सामान्य लक्षण दिखने पर ही कोविड-19 केयर में भर्ती हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि काेविड वार्ड में भर्ती सामान्य व हल्के लक्षण वाले मरीजाें की नियमित जांच की जाएगी। उनके शरीर का तापमान और पल्स रेट का ट्रैक रखा जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाली इस प्रक्रिया में यदि उनमें कोई विशेष लक्षण नहीं दिखाई दिया, जिसकी वजह से  कोरोना वायरस फैल सकता है, वैसी स्थिति में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। लेकिन ऐसे लोगों को 7 दिन तक होम क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दी जाएगी।  एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक सह नोडल पदाधिकारी डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी ने कहा कि अस्ताल काे मिली मंत्रालय की नई गाइडलाइन राहत देने वाली है। जमशेदपुर में अभी तक जितने मरीज मिले हैं उनमें से किसी को भी बुखार नहीं है। इसलिए अपना शहर अभी सेफ है। जिले में अभी तक जितने मरीज मिले हैं, उनके डायरेक्ट कंटेक्ट में आए तीन को छोड़ अन्य किसी में संक्रमण नहीं मिला है।
अतिरिक्त मरीजों को किया गया एडजस्ट : अस्पताल अधीक्षक
अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के सभी 100 बेड फुल हैं। शुक्रवार को 38 संदिग्ध मरीज आने पर चार अतिरिक्त बेड लगाकर एडजस्ट किया है। नए मरीज आने पर परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन व सीएस से विचार विमर्श किया जाएगा। 
-डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक, एमजीएम अस्पताल

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना