डिजिटल पेमेंट के लिए आनाकानी:डिजिटल युग में ऑनलाइन पेमेंट लेने में आनाकारी कर रहे शहर के अधिकतर दुकानदार, दुकानदार मांग रहे अब कैश पेमेंट

जमशेदपुर7 महीने पहले
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  • कारोबारी बाेले... ऑनलाइन पेमेंट पर बैंकों को 1.7 फीसदी तक देना पड़ता है शुल्क, हमें कोई फायदा नहीं

डिजिटल युग में ज्यादातर खरीदारी पर भुगतान ऑनलाइन अथवा पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन के जरिए हो रहा है। लेकिन शहर में कई ऐसे बाजार, शोरूम और होलसेल-रिटेल दुकानें हैं जहां छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए डिजिटल पेमेंट के लिए आनाकानी की जा रही है। त्योहारी सीजन में सैकड़ों ग्राहक इससे रोजाना परेशान हो रहे हैं। शहर में ही ज्यादातर लोग मोबाइल एप से पेमेंट करना पसंद करते हैं।

व्यापारी भी डिजिटल पेमेंट ही ले रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी व्यापारी हैं जो पीओएस से अलग से चार्ज कटने, जीएसटी और इनकम टैक्स आदि का बहाना बनाकर ग्राहकों को यह सुविधा नहीं दे रहे हैं। दुकानदाराें का तर्क है कि ऑनलाइन ठगी के झमेले में कौन पड़ेगा। लेकिन, जानकारों का कहना है कि डिजिटल भुगतान से पैसा सीधे बैंक में जाता है तो उनको सरकार को इनकम दिखाना होता है। इससे बचने के लिए दुकानदार डिजिटल भुगतान से बचने की कोशिश करते हैं।

हालांकि कपड़ा व्यापारी किशोर वोरा का कहना है- डिजिटल ट्रांजेक्शन से सिर्फ ग्राहकों को फायदा है। इसे लेकर कई बार व्यापारियों ने सरकार से शिकायत की है, पर अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है।

जीएसटी, इनकम टैक्स का बहाना बनाकर नहीं दे रहे सुविधा

केस- 1: दवा खरीदने गए थे, दुकानदार ने डिजिटल पेमेंट लेने से मना कर दिया

मानगो निवासी मो. हनीफ दवा खरीदने गए थे। दुकानदार ने डिजिटल पेमेंट लेने से मना कर दिया। पूछने पर बताया- एक बार किसी ने डिजिटल पेमेंट किया था, लेकिन पैसे खाते में नहीं आए और नुकसान उठाना पड़ा।

केस- 2: होटल में खाने के बाद ऑनलाइन पेमेंट करने पर अतिरिक्त राशि ली गई

बिष्टुपुर स्थित मारवाड़ी भोजनालय में खाना खाने के बाद डिजिटल पेमेंट करने पर 2 रुपए अतिरिक्त चार्ज किया गया। पूछने पर बताया गया- ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में चार्ज लगता है। कैश में चार्ज नहीं लिया जाएगा।

डिजिटल पेमेंट के ये फायदे भी

  • फ्यूल : क्रेडिट/डेबिट कार्ड, ई-वाॅलेट या मोबाइल वाॅलेट की मदद से पेमेंट पर 0.75 फीसदी की छूट।
  • इंश्योरेंस : पोर्टल के जरिए साधारण बीमा खरीदने या प्रीमियम देने पर 10 फीसदी तक की छूट।
  • रेल टिकट : मंथली और सीजन टिकट पर एक जनवरी से 0.5 फीसदी की छूट।
  • हाइवे टोल : फास्ट टैग के जरिए नेशनल हाइवे पर पेमेंट करने से 10 फीसदी तक डिस्काउंट।
  • ऑनलाइन रेल टिकट : टिकट बुकिंग पर मामूली चार्ज पर 10 लाख रुपए का बीमा।
  • रेल कैटरिंग : कैटरिंग, ठहरने, रिटायरिंग रूम आदि के लिए पेमेंट करने पर 5 फीसदी की छूट।

व्यापारियों के लिए यह भी जानने की जरूर

  • एक वित्तीय वर्ष में 40 लाख रुपए की बिक्री पर सरकार की ओर से जीएसटी में छूट दी गई है। हालांकि दुकानदारों को जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है।
  • छोटे व्यापारियों के लिए सालाना दो करोड़ रुपए तक बिक्री के एवज में सरकार को कुल राशि का 8 फीसदी इनकम टैक्स देना होता है।
  • पीओएस पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर बैंक 1.4 से 1.7 फीसदी चार्ज लेते हैं। डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर 0.4 फीसदी ही चार्ज लिया जाता है।

एक्सपर्ट व्यू : भुगतान के आधार पर 0.4 से 1.4% चार्ज लेती हैं कंपनियां

एप के जरिए ट्रांजेक्शन करने पर राशि सीधे बैंक में न जाकर संबंधित कंपनी के पास जाती है। उसके बाद कंपनी उस कारोबारी के खाते में पैसे भेजती है, जिसके लिए भुगतान किया गया है। इस लेनदेन के लिए कंपनियां कारोबारी को भुगतान राशि के आधार पर 0.4 से 1.4 फीसदी तक ट्रांजेक्शन चार्ज लेती हैं। इसलिए कई कारोबारी नकद लेनदेन को ही तरजीह देते हैं।- मनीष केडिया, चार्टर्ड एकाउंटेंंट

हर बैंक के अपने नियम

पीओएस मशीन से भुगतान करने पर कोई चार्ज नहीं लगता है। लेकिन हर बैंक के अपने कुछ नियम होते हैं। कोई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लेता है ताे कोई नहीं। ट्रांजेक्शन चार्ज भी कितना होगा, वह बैंक प्रबंधन तय करता है। -संजय कुमार झा, रीजनल मैनेजर, एसबीआई

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