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अच्छी पहल:कोरोना में माता-पिता को खो चुके बच्चों की तलाश शुरू करेगा मुस्लिम समुदाय, ताकि उनकी अच्छी परवरिश हो सके

जमशेदपुर18 दिन पहले
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  • मुस्लिम छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में काेई आर्थिक संकट नहीं आए, इसलिए समाज आगे आया

कोरोना संक्रमण के चलते माता-पिता काे खाे चुके अनाथ बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी उठाने की राज्य सरकार की घोषणा के बाद मुस्लिम समुदाय भी ऐसे बच्चों की तलाश शुरू करेगा। इसके लिए समुदाय में सर्वे कराया जाएगा। इसकी पहल सामाजिक संस्था जमायत इलामी हिंद, अलमिनार सोशल वेलफेयर सोसायटी, झारखंड ह्यूमैनिटी फाउंडेशन व मोमिन अंसार सभा ने की है। इसमें उप प्रमुख जमशेदपुर प्रखंड अफजाल अख्तर का सहयोग लिया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूल के शिक्षकों, आंगनबाड़ी और आशा दीदी की मदद ली जा सके।

झारखंड ह्यूमैनिटी फाउंडेशन के सचिव खालिद इकबाल ने बताया कि बेसहारा हो गए बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था कराने के लिए राज्य सरकार ने पिछले दिनों गाइडलाइन जारी की थी। इसकाे लेकर अब जिले में भी काम शुरू हाे गया है। समाज की सभी संस्थाओं से वर्चुअल बातें चल रही हैं। सदस्याें को शहर के अलावा गांव-गांव सर्वे कराकर ऐसे बच्चों का पता लगाने को कहा गया है, ताकि उनकी एक लिस्ट तैयार की जा सके। टीम लगाकर इसके बारे में जानकारी कराई जा रही है। अगर किसी को ऐसे बच्चों की जानकारी हो तो जरूर बताएं, ताकि बच्चों का भरण पोषण हो सके। समाज के लोगों ने कहा कि अभी वक्त है एक-दूसरे के कंधे से कंधे मिलाकर चलने का। शहर में कई ऐसे एजुकेशनल संस्थाएं हैं जाे बच्चों की फीस में सहयोग कर सकती हैं। पहले हम बच्चों का सर्वे करेंगे फिर समाज और राज्य सरकार के सक्षम सहयोग का प्रस्ताव रखेंगे।

सरकार व समाज के समक्ष रखेंगे सहयोग का प्रस्ताव

जिनके परिवार में नुकसान हुआ है उसकी भरपाई समाज के सभी संस्थानों को आगे आना चाहिए।

-खालिद इकबाल, सचिव, ह्यूमानिटी फाउंडेशन

बहुत अच्छी पहल है। मुझसे जो सहयोग चाहिए में सभी समाज के लिए सर्वे कराने में सहयोग करूंगा।

-अफजाल अख्तर, उप प्रमुख जमशेदपुर प्रखंड

मानगो क्षेत्र के ऐसे बच्चों की लिस्ट बनाकर सरकार को मुहैया कराई जाएगी। हर घर हर मुहल्ले में सर्वे की जाएगी।

-खुर्शीद आलम, सदस्य अलमिनार सोशल वेलफेयर

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