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मौसम में बदलाव:वायरल, डेंगू, टायफाइड बीमारियों से सभी अस्पतालों में नो-बेड की स्थिति

जमशेदपुर22 दिन पहले
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  • अधिकतर घरों के 1-2 सदस्य मौसमी बुखार की चपेट में
  • किसी की सलाह या दूसरे मरीज के प्रिस्क्रिप्शन की दवा खाने की गलती से हो सकती है परेशानी

कोरोना के सेकेंड वेव के बाद शहर में एक साथ कई सीजनल बीमारियों ने हमला बोल दिया है। शहर के हर घर का कोई कोई न सदस्य इन बीमारियों की चपेट में है। फिलहाल सबसे ज्यादा वायरल बुखार के मरीज मिल रहे हैं।

मौसम में बदलाव होने से इस तरह के रोगी बढ़ जाते हैं। इन बीमारियों की वजह से एमजीएम, टीएमएच, टाटा मोटर्स, टिनप्लेट, सदर अस्पताल समेत शहर के अन्य बड़े अस्पतालों में नो बेड की स्थिति बन गई है। इन अस्पतालों के ओपीडी के अलावा निजी क्लीनिक में भी मरीजों की लंबी कतार लग रही है।

दैनिक भास्कर एक्सपर्ट सह आईएमए जमशेदपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ उमेश खां ने कहा- इन दिनों बच्चों में एमआईएस-सी (मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेंट्री सिंड्रोम) के मामले बढ़ रहे हैं। डेंगू-जेई (जापानी इंसेफ्लाइटिस) को लेकर जिला सर्विलांस विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है।

साथ ही हेपेटाइटिस-ए, हेपेटाइटिस-ई, प्लाजमोडियम फेल्सिपेरम (खतरनाक मलेरिया), सामान्य मलेरिया, टायफाइड सहित अन्य रोगियों से अस्पताल पटे हुए हैं। इन सभी बीमारियों के लक्षण में बुखार कॉमन है, लेकिन उसका कारण अलग-अलग है। इसलिए बुखार होने पर घबराएं नहीं लेकिन सावधानी पूरी बरतें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है। शहर में 10 तरह की बीमारी फैली हुई है।

बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

बच्चों में एमआईएस-सी की समस्या बढ़ी है। कमजोर इम्युनिटी व संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बच्चों को यह परेशानी हो रही है। इसलिए स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

अपने मन से दवा खाना हो सकता है खतरनाक
शहर में कई तरह की बीमारी फैली हुई है। इनमें बुखार सामान्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षण वाले दूसरे लोगों को दी जाने वाली दवा को अपने मन से नहीं खाना चाहिए। यह खतरनाक हो सकता है। - डॉ उमेश खां, फिजिशियन

मास्क पहनने से वायरल बीमारी से भी होगा बचाव

कोरोना के साथ अभी शहर में कई तरह की बीमारी फैली हुई है। लोग जांच अवश्य कराएं और कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। मास्क पहनने से कोरोना के साथ-साथ वायरल बीमारी से भी बचाव होगा। - डॉ. साहिर पाल, एसीएमओ
-डॉ केके चौधरी, शिशु रोग विशेषज्ञ

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