रियलिटी चेक:टीएमएच को छोड़ किसी अस्पताल में ओपीडी में आने वाले मरीजों की नहीं हुई कोरोना जांच

जमशेदपुर16 दिन पहले
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  • डीसी ने सभी अस्पतालों की ओपीडी में फ्री कोविड टेस्ट का दिया है आदेश

कोरोना के बढ़ते हुए प्रभाव को देखते हुए उपायुक्त सूरज कुमार ने बुधवार को सभी अस्पताल-नर्सिंग होम में ओपीडी में आने वाले मरीजों की मुफ्त कोरोना जांच का निर्देश दिया था। लेकिन गुरुवार को कई अस्पतालों में इस आदेश का पालन होता नहीं दिखा।

  • कहां-क्या स्थिति रही

टीएमएच : कोरोना जांच के बाद ही ओपीडी में इलाज

ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को पहले कोरोना जांच करानी पड़ रही थी। कोरोना जांच के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर के समीप ही अलग चैंबर बनाया गया था।

एमजीएम हॉस्पिटल : स्थायी कैंप बना, लेकिन जांच नहीं

मेन गेट पर कोरोना जांच के लिए स्थायी कैंप बना था, पर बिना जांच के ही मरीज ओपीडी में जाते दिखे। डॉक्टर संदिग्ध मरीजों को कोविड टेस्ट के लिए भेज रहे थे।

टाटा मोटर्स हॉस्पिटल : मरीज लाइन में, कोविड टेस्ट नहीं

ओपीडी आने वाले मरीजों को बारी-बारी से नाम दर्ज कर अंदर भेजा जा रहा था। मरीजों का नाम-मोबाइल नंबर दर्ज किया जा रहा था। लेकिन कोविड जांच नहीं हो रही थी।​​​​​​​

टेस्टिंग नहीं होने से बढ़ सकते हैं मामले

ओपीडी के लिए कोविड टेस्ट अनिवार्य के आदेश के बावजूद इसको अमल में नहीं लाए जाने से संक्रमितों की पहचान करना मुश्किल है। प्रशासन का जोर है कि अधिक से अधिक टेस्टिंग हो, ताकि संक्रमितों का पता चले। ​​​​​​​

लक्षण दिखने पर ही जांच : उपाधीक्षक

​​​​​​​एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने कहा- ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों की कोविड जांच नहीं की जाती है। जिनमें संक्रमण के लक्षण होते हैं, उनकी ही जांच कराई जाती है।​​​​​​​

इधर, सैंपलिंग में भी गड़बड़ी, 29 दिसंबर को लिया था सैंपल 8 दिन बाद जांच के लिए भेजा

पूर्वी सिंहभूम में कोरोना की जांच को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। जुगसलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डुमरिया और पोटका स्वास्थ्य केंद्र में 29 दिसंबर को कुल 90 लोगों के सैंपल लिए गए थे, लेकिन कर्मचारी ये सैंपल जांच के लिए सर्विलांस कार्यालय भेजना ही भूल गए। जानकारी होने पर 5 जनवरी को सैंपल सर्विलांस कार्यालय भेजे गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला सर्विलांस पदाधिकारी डॉ साहिर पाल ने जांच के आदेेश दिए हैं।

जानकारों के अनुसार, आरटी-पीसीआर-ट्रूनेट जांच के लिए सैंपल लेने के बाद देर शाम अथवा अगले दिन सुबह 11 बजे तक सर्विलांस कार्यालय को भेज देना होता है। जिला सर्विलांस विभाग के मुताबिक कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने पर सैंपलिंग का काम बाधित हो सकता है। लेकिन तीनों स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसा नहीं हुआ है। देर से सैंपल मिलने से सैंपल देने वाले लोग सर्विलांस कार्यालय में जानकारी ले रहे थे।

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