खर्च बचाने के लिए:रेलकर्मियों के 8 लाख बच्चों में 7.85 लाख निजी स्कूलाें में पढ़ते हैं; बंद हाेंगे देश के 94 रेलवे स्कूल

जमशेदपुर2 महीने पहलेलेखक: ललित दुबे
  • कॉपी लिंक

रेल कर्मचारियों के करीब 8 लाख बच्चों में 7.85 लाख बच्चे रेलवे स्कूलाें न पढ़कर निजी स्कूलाें में पढ़ते हैं। इसलिए देशभर के 94 रेलवे स्कूल बंद होंगे। इनमें चक्रधरपुर रेल मंडल के छह स्कूल भी शामिल हैं। केंद्र सरकार ने इसकी कवायद शुरू हो गई है।

साथ ही रेलवे बोर्ड समेत सभी रेल मंडल के महाप्रबंधकों (जीएम) को पत्र भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि रेलवे अपने कर्मचारियों को शिक्षा भत्ता व हॉस्टल भत्ता देती है। ऐसे में अधिकतर रेलवे कर्मचारी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं।

रेलवे मेंस कांग्रेस, चक्रधरपुर मंडल के शशि मिश्रा ने बताया कि दरअसल, रेलवे स्कूलों में रेल कर्मियों के बच्चों की संख्या काफी कम है। साथ ही रेलवे कर्मचारियों को शिक्षा भत्ता व हॉस्टल भत्ता भी देती है। इसलिए संसाधनों का सही जगह इस्तेमाल करने और खर्च बचाने के लिए रेलवे यह कदम उठा रहा है।

इस कारण ये कदम

  • देशभर के रेल कर्मियों के 7.99 लाख बच्चे 4 से 18 साल आयु वर्ग के हैं। इनमें से मात्र 2 प्रतिशत यानी 16 हजार बच्चे ही रेलवे स्कूल में पढ़ते हैं।
  • चक्रधरपुर डिवीजन में टाटानगर, सीनी, झारसुगुड़ा, डांगुवापोसी, बंडामुंडा और चक्रधरपुर में एक-एक रेलवे स्कूल हैं। सबको मिलाकर लगभग 900 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें रेल कर्मियों के बच्चों की संख्या सिर्फ 250 है।
खबरें और भी हैं...