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कोरोना संक्रमण से वायरल फीवर का खतरा:जमशेदपुर में बढ़ा वायरल फीवर का प्रकोप, 1500 से ज्यादा मरीज मिले, रांची में वायरल फीवर के केस बढ़े, रिम्स में 122 भर्ती, एक को जापानी इंसेफेलाइटिस

जमशेदपुर12 दिन पहले
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रांची  रिम्स - Dainik Bhaskar
रांची रिम्स

कोरोना संक्रमण के वायरल फीवर का खतरा बढ़ गया है। जमशेदपुर के बड़े अस्पतालों में 1500 से ज्यादा मरीज इलाजरत हैं। वहीं, रांची के रिम्स में 122 मरीजों का इलाज चल रहा है। रिम्स के मेडिसिन वार्ड में भर्ती एक मरीज में सोमवार को जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई है। मरीज का इलाज मेडिसिन के यूनिट इंचार्ज डॉ. संजय सिंह के यूनिट में चल रहा है।

जानकारी के अनुसार मरीज चार दिन पहले तेज बुखार, सर्दी, कंपकंपी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत के बाद अस्पताल भर्ती हुआ था। रिम्स में दो दिन में बुखार नियंत्रण नहीं होने पर मरीज की मलेरिया, डेंगू समेत कई वायरल इन्फेक्शन की जांच कराई गई, लेकिन किसी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। बाद में जापानी इंसेफेलाइटिस की जांच कराई गई और सोमवार को मरीज में इसकी पुष्टि हो गई।

डॉ. संजय की माने तो लंबे समय बाद जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई है। पिछले करीब डेढ़ माह से वायरल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह जापानी इंसेफेलाइटिस भी हो सकता है। ऐसे में कोविड 19 टेस्ट के साथ-साथ इसकी जांच भी 100% जरूरी की जाए।

बुखार न उतरे तो इंसेफेलाइटिस की जांच जरूर कराएं

संक्रामक नहीं है जापानी इंसेफेलाइटिस

जापानी इंसेफेलाटिस ऐसी बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। ये मच्छर फ्लेविवायरस संक्रमित होते हैं। आमतौर पर यह गंदगी और सुअर वाले इलाके में रहने वालों में भी होता है। यह संक्रामक बुखार नहीं है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। विशेषज्ञों की मानें तो जापान इंसेफेलाटिस पूर्वांचल भारत में अधिक होता है। इसका पता मच्छर के काटने के 5 से 15 दिनों में दिखाई देता है।

राज्य के 15 जिलों में आज से बुखार पीड़ित खोजे जाएंगे

झारखंड में कोरोना काल के दौरान वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ गया है। अस्पताल बुखार पीड़ित लोगों से भर गया है। बिहार और उत्तरप्रदेश में वायरल फीवर, डेंगू, चिकनगुनिया तेजी से लोगों को चपेट में ले रहा है। ऐसे में सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य के 15 जिलों में 15 से 30 सितंबर तक फीवर सर्वे कराया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता बुखार से पीड़ित लोगों की जांच करेंगे। इन जिलों में पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला, सिमडेगा, पलामू, पाकुड़, कोडरमा, खूंटी, लातेहार, हजारीबाग, गुमला, गिरिडीह, गढ़वा, पूर्वी सिंहभूम, दुमका और गोड्डा हैं।