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मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट का मामला:राहुल संभालता था ट्रस्ट के लेनदेन की जिम्मेदारी, जांच टीम कर रही है तलाश

जमशेदपुरएक महीने पहले
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  • जिस अपार्टमेंट में चलता था ट्रस्ट, बगैर नक्शा पास के कराया गया निर्माण, सीओ ने डीडीसी को सौंपी रिपोर्ट

टेल्को थाना क्षेत्र के खड़ंगाझार स्थित शमशेर अपार्टमेंट में चल रहे मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट की जांच कर रही टीम को ‘राहुल’ नामक व्यक्ति की तलाश है। ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी राहुल पर ही थी। राहुल के बारे में जानकारी जुटाने के लिए प्रशासनिक जांच टीम ने टेल्को पुलिस से मदद मांगी है। राहुल की गिरफ्त में आने के बाद वित्तीय लेनदेन से संबंधित कई खुलासे हो सकते हैं।

अलग-अलग स्तर पर तीन टीम मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट की जांच कर रही है। फिलहाल प्रशासन के आदेश पर ट्रस्ट के पंजाब नेशनल बैंक के टेल्को शाखा के खाते को फ्रीज कर दिया गया है। जांच टीम को ट्रस्ट के संचालन के लिए दान देने वाले की सूची मिल गई है।

टीम अब इन लोगों को नोटिस जारी पता लगाएगी कि वे किस आधार पर दान देते थे। जांच टीम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया- अगर राहुल गिरफ्तार हो जाता है तो इन सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे। जांच में यह भी जानकारी मिली है कि संचालक सरदार हरपाल सिंह थापर, पुष्पा रानी तिर्की व प्रभारी गीता देवी ट्रस्ट में रहने वाले बच्चों के जरिए ही चेक अथवा एटीएम कार्ड से निकासी कराते थे। ऐसे बच्चों की भी चिन्हित किया गया है जिनसे राशि का निकासी कराई जाती थी।

जिस अपार्टमेंट के फ्लैट से ट्रस्ट का संचालन होता था उसका निर्माण बिना नक्शा पारित कराए ही किया गया है। डीसी सूरज कुमार के आदेश पर जमशेदपुर सीओ अमित श्रीवास्तव ने अपार्टमेंट की जमीन और नक्शा की जांचकर शुक्रवार शाम में डीडीसी परमेश्वर भगत को रिपोर्ट सौंपी।

जांच में पाया गया- रैयती जमीन पर ही अपार्टमेंट का निर्माण कराया गया है, उसकी पार्किंग में कमरे का निर्माण कराया गया है। इस मामले में सीओ ने 2002 में अपार्टमेंट बनवाने वाले प्रीतपाल सिंह और ट्रस्ट के संचालक हरपाल सिंह थापर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। प्रीतपाल ने जमीन का कागजात सीओ के समक्ष प्रस्तुत किया, पर अपार्टमेंट के नक्शा से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी।

2002 में हुआ अपार्टमेंट का निर्माण, पार्किंग में बनाया रूम

यह है मामला: ट्रस्ट में रहने वाली दो बच्चियों ने संचालक पर लगाया था शोषण का आरोप
हरपाल सिंह थापर और उनकी पत्नी पुष्पा रानी तिर्की द्वारा मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट का संचालन किया जाता था। वहां अनाथ अथवा गरीब बच्चों को रखा जाता था। ट्रस्ट में रहने वाली दो लड़कियों ने हरपाल व पुष्पा के खिलाफ शोषण का आरोप लगाया। पुलिस ने हरपाल, पुष्पा, प्रभारी गीता देवी व उसके बेटे आदित्य को सोमवार को मध्य प्रदेश के सिंगरौली से गिरफ्तार किया था।

तीन की जमानत याचिका दाखिल
मदर टेरेसा ट्रस्ट में नाबालिग से छेड़खानी व अश्लील हरकत करने के आरोप में ट्रस्ट की संचालिका पुष्पा रानी तिर्की, इंचार्ज गीता कौर तथा गीता के पुत्र आदित्य सिंह की जमानत याचिका अधिवक्ता विमल पांडेय ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट जिला जज 5 सुभाष की अदालत में दाखिल की। इस पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।

इधर, गोबरघुसी आश्रम से गायब 2 नाबालिग टेल्को केंद्र से बरामद सिटी एसपी ने आश्रम पहुंचाया
दूसरी ओर, पटमदा के गोबरघुसी आश्रम से भागी ट्रस्ट की दो नाबालिग को पुलिस ने शुक्रवार को खड़ंगाझार स्थित मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट में रहने लगी। इसकी खबर मिलने पर सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट और एएसपी सिटी कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस टीम टेल्को पहुंची और दोनों नाबालिग को बरामद किया। फिर पुलिस ने दोनों को वापस गोबरघुसी आश्रम पहुंचाया। दोनों नाबालिग आश्रम से कैसे भागी और टेल्को तक कैसे पहुंचीं, इसके बारे में छानबीन की जा रही है।
पटमदा थाना प्रभारी ने बताया
11 जून की रात मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट टेल्को से पटमदा के गोबरघुसी बाल कल्याण आश्रम में जिला प्रशासन ने 23 लड़कियां और 16 लड़कों को शिफ्ट किया था। इसमें से दो लड़कियां गुरुवार सुबह गायब हो गई थीं। दोनों को सीडब्ल्यूसी की टीम के साथ टेल्को स्थित आश्रम पहुंचकर दोनों को बरामद कर लिया गया है।


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