योजनाओं के क्रियान्वयन:विवाद के बाद रद्द किए टेंडर को भवन निर्माण विभाग ने निकाला

जमशेदपुर2 महीने पहले
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  • 11 अगस्त को होगी टेंडर पेपर की बिक्री, 12 को किया जाएगा फाइनल
  • बिष्टुपुर के सर्किट हाउस एरिया में कार्यपालक अभियंता के कार्यालय में शाम 5 बजे तक होगी टेंडर पेपर की बिक्री

बीते दिनों कुछ कारणों से स्थगित किए भवन निर्माण विभाग ने 11 योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नए सिरे से टेंडर निकाला है। 11 अगस्त को एक बजे से टेंडर पेपर की बिक्री शाम पांच बजे तक बिष्टुपुर सर्किट हाउस एरिया में कार्यपालक अभियंता के कार्यालय में की जाएगी।

12 अगस्त की सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक टेंडर डालने की प्रक्रिया साकची स्थित पुलिस नियंत्रण कक्ष में की जाएगी। टेंडर डालने के बाद टेंडर बॉक्स को कार्यपालक अभियंता के कार्यालय लाया जाएगा। जहां दोपहर 3.30 बजे टेंडर बॉक्स खोला जाएगा। अगर किसी योजना का टेंडर रेट एक समान होगा तो रांची में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में लॉटरी से अभिकर्ता का चयन करेंगे। संवेदक के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार व विभाग के बीच करार होगा। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

यह है मामला: 1.75 करोड़ रुपए की लागत से कुल 11 योजनाओं को किया जाना है पूरा

भवन निर्माण विभाग की ओर से पूर्व में इन योजनाओं का टेंडर निकाला था। करीब 1.75 करोड़ की लागत से 11 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना था। टेंडर फॉर्म की बिक्री की 22 जुलाई दोपहर एक बजे तक निर्धारित थी। टेंडर डालने और टेंडर खोलने की तिथि 24 जुलाई तय की थी। टेंडर डालने की तिथि को टेंडर फॉर्म की खरीदारी करने वाले ठेकेदारों ने टेंडर की प्रक्रिया में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।

साकची स्थित सीसीआर में भवन निर्माण विभाग के अभियंता टेंडर बॉक्स लेकर बैठे रहे, पर किसी भी ठेकेदार ने हिस्सा नहीं लिया। कान्ट्रैक्टर वेलफेयर लीगल फार्म के अध्यक्ष निर्भय पांडे व प्रदेश उपाध्यक्ष रोशन सिंह ने बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती व पोटका के विधायक संजीव सरदार पर कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया था। विधायकों ने एक दिन बाद ही प्रेस कांफ्रेंस कर ठेकेदारों के आरोप को पूरी तरह गलत व भाजपा नेताओं के प्रभाव में ठेकेदार द्वारा दिया बयान करार दिया था। इसके बाद विवाद थम गया था। विवाद थमने के बाद भवन निर्माण विभाग ने नए सिरे से टेंडर निकाला है। प्रदेश उपाध्यक्ष रोशन सिंह ने कहा- टेंडर निकालने के बाद किसी भी स्तर पर राजनीतिक हस्तक्षेप होता नहीं दिख रहा है।

दो लाख की आबादी को सुविधा दिलाने के लिए अगस्त क्रांति के दिन खरकई नदी के तट पर होगा सत्याग्रह

बागबेड़ा व आसपास की करीब दो लाख की आबादी को जलापूर्ति की सुविधा दिलाने के लिए बागबेड़ा, कीताडीह, हरहरगुट्टू व धातकीडीह के पंचायती राज व्यवस्था के प्रतिनिधि अगस्त क्रांति के दिन खरकई नदी तट पर सत्याग्रह करने की घोषणा की है। बागबेड़ा वृहत जलापूर्ति योजना का काम छह माह से बंद है। काम को चालू कराने की मांग पर पंचायती राज व्यवस्था के प्रतिनिधियों ने सत्याग्रह का एेलान किया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे जिला परिषद के सदस्य किशोर यादव ने कहा- बंद पड़े काम को चालू कराने की मांग पर उपायुक्त व पेयजल व स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया पर इसकी नतीजा सिफर रहा।

विभागीय स्तर पर पहल नहीं की है। 237 करोड़ की योजना का 210 करोड़ रुपए खर्च हो चुका, पर अभी तक एक भी घर में पानी नहीं पहुंचा है। योजना का शिलान्यास 2015 में किया था। योजना को 2018 में पूरा होना था, पर 2021 तक काम पूरा नहीं हुआ है। इलाके के लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश है। बता दें कि इलाके में सबसे ज्यादा परेशानी गर्मी के दिनों में होती है। यहां पर पानी का लेयर 400 से ज्यादा फीट नीचे चला जाता है। इससे चापाकल, मोटर सूख जाते हैं। ऐसे में लोग कई वर्षों से जलापूर्ति की मांग कर रहे हैं।

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