अब कहां जाएंगी मां?:2 माह से बन रही मां दुर्गा की 26 फीट ऊंची मूर्ति का बचा है शृंगार, अब अफसर बोल रहे हटाओ

जमशेदपुर8 महीने पहले
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  • सोनारी में बन रही मां की प्रतिमा का काम जिला प्रशासन से रुकवाया, 24 घंटे का दिया गया अल्टीमेटम
  • देर से जारी गाइडलाइन के कारण पूजा समितियों को करना पड़ रहा है परेशानी का सामना

आनंद आश्रम श्री दुर्गा पूजा एवं काली पूजा समिति सोनारी की ओर से रॉकी मैदान में कोलकाता बाग बाजार की तर्ज पर बनायी जा रही प्रतिमा का काम जिला प्रशासन ने रुकवा दिया है। 26 फीट ऊंची इस प्रतिमा को 24 घंटे में हटाने का आदेश दिया गया है। हैरत है कि इस प्रतिमा का निर्माण पिछले दो महीने से चल रहा है, लेकिन अब तक किसी ने कुछ नहीं कहा। प्रतिमा बन कर तैयार है, केवल शृंंगार का काम बाकी है।

समिति के संस्थापक एके मोइत्रा का कहना है कि उन्होंने अपनी दस साल की जमा पूंजी 2 लाख 65 हजार रुपये मां की प्रतिमा बनवाने में लगा दिये। जिला प्रशासन खुद ही इस प्रतिमा को तोड़ दे। तोड़ना या हटाना शुभ नहीं होगा। रविवार को प्रतिमा के साज के लिए कारीगर भी कोलकाता से शहर पहुँच रहे हैं। हमने जिला प्रशासन और मंत्री बन्ना गुप्ता से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। समिति के पक्ष में अलम संघ सिदगोड़ा के महासचिव सन्दीप चौधरी अकेले खड़े हैं।

एके मोइत्रा ने बताया कि पिछले 23 साल से पूजा हो रही है। लेकिन मां और भाई की मौत के बाद 4 साल मां दुर्गा को नहीं बुला पाए थे। इसके बाद मन्नत मांगी थी कि यदि लगातार 10 साल मां दुर्गा पूजा सफल होगी तो, अंतिम वर्ष मां की बड़ी प्रतिमा बना कर पूजा करेंगे। इसके लिए दस साल से पैसे जुटा रहा था।

तीन हिस्से में बनी है इको फ्रेंडली प्रतिमा

2019 में ही कोलकाता की तर्ज पर प्रतिमा निर्माण की योजना बनाई गई थी। उसी साल दुर्गा पूजा के बाद एडवांस पेमेंट कर स्ट्रक्टचर डिजाइन किया गया था। लेकिन, कोरोना संक्रमण के कारण 2020 में भव्य रूप से पूजा का आयाेजन नहीं किया जा सका। इस साल शहर में काेराेना संक्रमण से राहत मिलने की वजह से हमने फिर काम शुरू कराया। पूजा के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि वे दूर से ही दर्शन कर सकें। इको फ्रेंडली प्रतिमा को तीन पार्ट ने बनाया है ताकि विसर्जन की कोई दिक्कत न हो। प्रतिमा का विसर्जन हाइड्रोलिक मशीन की मदद से किया जाएगा।

जिस उद्देश्य के लिए मां दुर्गा की प्रतिमा बनाई जाती है जब तक वह पूरा ना हो उसे खंडित करना अशुभ होता है। अति विशेष परिस्थिति में अगर ऐसा करना पड़े तो पूरी विधि के साथ जल प्रवाह किया जाता है। जैसे मां को माफी मांग कर विदा कर रहे हो। अगर ऐसा नहीं किया गया तो बुरा असर पड़ता है। - पंडित डॉ. रमेश कुमार उपाध्याय शास्त्री, ज्योतिषाचार्य

प्रतिमा को बचाने के लिए जिला प्रशासन से केंद्रीय पूजा समिति बात करेगी। यदि फिर भी बात नहीं बनी तो मुख्यमंत्री का दरवाजा भी खटखटाएंगे। -आशुतोष कुमार सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष जमशेदपुर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति

लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आदेश जारी किया है । सरकार की तरफ से गाइडलाइन फॉलो कराना लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। -नंदकिशोर लाल, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर

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