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बर्बादी की जानकारी:जिले की नर्सों ने वैक्सीन की हर बूंद का किया इस्तेमाल, तय डोज से 4.10% ज्यादा लोगों को लगाया टीका

जमशेदपुर25 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • हमारी सिस्टर्स ने केरल की तरह पेश की मिसाल; राज्य में 4.63 फीसदी वैक्सीन की बर्बादी, यहां बचाए एक्स्ट्रा डोज
  • पूर्वी सिंहभूम को पहली और दूसरी डोज के लिए कुल 34782 वॉयल मिले थे। 29 मई तक कुल 362111 डोज लगाई गई, यानी 14291 ज्यादा

केरल को छोड़ देशभर से कोरोना वैक्सीन की बर्बादी की खबर आ रही है। झारखंड में 4.64 फीसदी डोज की बर्बादी की जानकारी खुद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने ट्वीट कर दी। लेकिन पूर्वी सिंहभूम की नर्सों ने केरल की नर्सों की तरह टीके की बर्बादी नहीं होने दी। उन्होंने सप्लाई वॉयल से निर्धारित संख्या से 4.10 फीसदी ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई।

जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ बीएन उषा के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम को वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के लिए कुल 34782 वॉयल (347820 डोज) मिले थे। 29 मई तक इन वॉयल से कुल 362111 डोज लगाई गई, यानी 14291 (4.10 फीसदी) अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई गई। जिले के 28 निजी अस्पतालों को 8258 वॉयल (82580 डोज) मिले और इनकी नर्सों ने कुल 82610 लोगों (30 अधिक) को टीके लगाए हैं। सरकारी अस्पतालों को 26524 वॉयल (265240 डोज) मिले, जिससे कुल 279501 लोगों को डोज लगाई गई।

कोविशील्ड की हर वॉयल में 0.55 मिलीलीटर एक्स्ट्रा दवा

ऐसा नहीं है कि अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए हर व्यक्ति को दी जाने वाली वैक्सीन की मात्रा कम कर दी गई। दरअसल कोविशील्ड की पांच मिली की हर वॉयल में 10 डोज होती है। इंजेक्शन से एयर पास (हवा निकालना) समय डोज की मात्रा में कम न हो, इसके लिए दवा कंपनी हर वॉयल में 0.55 या 0.6 मिलीलीटर अतिरिक्त दवा देती है। जिले की प्रशिक्षित नर्सों ने एक वॉयल से 10 लोगों को वैक्सीन लगाने के बाद अतिरिक्त दवा बचा ली।

अतिरिक्त टीकाकरण टीम वर्क का बेहतर उदाहरण

गाइडलाइन के अनुसार हर आदमी को 0.5 मिली वैक्सीन देना है। टीका देने वाला ट्रेंड है तो एयर पास के लिए दिए गए अतिरिक्त डोज को बचा सकता है। हमारी नर्सों ने बेहतर काम कर यह मिसाल पेश की है।

-डाॅ राजन चौधरी, सलाहकार, टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज

महामारी से लड़ने में टीका कारगर हथियार है और इसकी किल्लत महसूस हो रही है। ऐसे समय में जिले की नर्सों की दक्षता से कम संसाधन में हजारों लोगों को फायदा हो रहा है। कोरोना के खिलाफ जंग में टीम वर्क का बेस्ट उदाहरण है।

-डाॅ साहिर पाल, एसीएमओ

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