इंग्लिश मीडियम का जैक भी फेल:सीबीएसई से नहीं मिली जिले के तीन सरकारी स्कूलों को मान्यता

जमशेदपुर7 महीने पहलेलेखक: पवन कुमार मिश्र
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कस्तूरबा गांधी विद्यालय, सुंदरनगर - Dainik Bhaskar
कस्तूरबा गांधी विद्यालय, सुंदरनगर
  • फिलहाल हिंदी मीडियम में ही पढ़ेंगे बच्चे
  • बाेर्ड बाेला, शिक्षकों, कमरे, लैब, खेल मैदान की कमी दूर करें तब देंगे मान्यता

सरकारी स्कूलाें में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने के लिए सरकार ने राज्य के 80 स्कूलाें काे माॅडल (सीबीएसई) स्कूल में बदलने का निर्णय लिया है। इसके तहत जैक बोर्ड से मान्यता प्राप्त शहर के तीन सरकारी स्कूलाें का चयन किया गया था। इनमें बीपीएम प्लस टू उवि बर्मामाइंस, जमशेदपुर बालिका उवि साकची व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका उवि सुंदरनगर शामिल हैं। इन स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता दिलाने के लिए बोर्ड के पास प्रस्ताव भेजा गया था। याेजना के तहत इन स्कूलाें काे इसी सत्र से सीबीएसई स्कूल में बदला जाना था, लेकिन इनकी खराब आधारभूत संरचना व कर्मचारियाें की कमी मान्यता में बाधा बन गई है।

सीबीएसई ने सरकार से कहा है कि पहले इन स्कूलाें में आधारभूत संरचना विकसित कर पर्याप्त शिक्षकाें व कर्मचारियाें की नियुक्ति की जाए। इसके बाद ही बाेर्ड इन्हें मान्यता देने पर विचार करेगा। याेजना के अनुसार इन स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई हाेगी। उधर, दूसरे चरण में जिले के 19 स्कूलों को मॉडल (अंग्रेजी मीडियम में बदलने) बनाने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक स्कूल को मॉडल बनाने में 10 करोड़ रुपए की लागत अाएगी। इनमें छह करोड़ रुपए आधारभूत सुविधाओं पर खर्च होंगे।

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