जानने का अवसर:जनजातीय संग्रहालय झारखंड की संस्कृति काे सहेजने में बनेगा सहायक : राज्यपाल

जमशेदपुर2 महीने पहले
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वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल राज्यपाल, वीसी व अन्य। - Dainik Bhaskar
वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल राज्यपाल, वीसी व अन्य।
  • कोल्हान विश्वविद्यालय के जनजातीय संग्रहालय का ऑनलाइन उद्घाटन

कोल्हान विश्वविद्यालय के टीआरएल विभाग की ओर से बनाए गए जनजातीय व क्षेत्रीय संग्रहालय का मंगलवार को कुलाधिपति सह राज्यपाल रमेश बैस ने किया। माैके पर उन्हाेंने कहा कि इस तरह का संग्रहालय किसी विवि में तैयार करना बड़ी बात है। काेल्हान आदिवासी बहुल क्षेत्र है। ऐसे में इससे जुड़े प्रतीकाें काे एक जगह लाना काबिले तारीफ है। इसे संरक्षित करना बहुत जरूरी है, जिसे विवि ने किया है।

यहां रखे गए सभी प्रतीकाें काे संबंधित जनजातीय भाषा में ही लिखा गया है। उन्हाेंने कहा कि इस संग्रहालय काे तैयार करने में छात्राें की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यहां पढ़ने वाले छात्राें में भी जनजातीय संस्कृति व कला काे जानने का अवसर मिलेगा। उन्हाेंने कहा कि जनजातीय से जुड़ी हुई हर सामग्री इस संग्रहालय में होनी चाहिए ताकि शोध करने वाले विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी न होे।

उन्होंने यहां पर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आने वाले दिनों में जनजातीय क्षेत्रीय भाषा को लेकर सरकार की ओर से कई कार्य किए जाएंगे। कई विश्वविद्यालय ने अपने अपने स्तर से प्रस्ताव दिया है।

उन्होंने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत और संग्रहालय का लाभ लेने की बात कही। मौके पर पूर्व कुलपति डॉ. शुक्ला महंती, प्रतिकुलपति डॉ. अरुण सिन्हा, वित्त पदाधिकारी डॉ. पीके पाणी, टीआरएल विभाग के एचओडी बिरबल हांसदा, सिंडिकेट सदस्य राजेश शुक्ला, शिक्षक सुभाष महतो, बसंत चाकी, कुलसचिव जयंत शेखर, डीएसडब्ल्यू डॉ. एससी दास समेत काफी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।

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