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हैकथॉन से इनोवेशन का आइडिया:जमशेदपुर के दो युवाओं ने साथियों संग मिलकर बनाया इलेक्ट्रिक रेट्रो-फिट ऑटो, 6 महीने में सड़क पर दौड़ेगा

जमशेदपुरएक महीने पहले
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टीम के पुलकित, सूर्य प्रताप सिंह, गौरव सिंह व विश्वजीत कुमार। - Dainik Bhaskar
टीम के पुलकित, सूर्य प्रताप सिंह, गौरव सिंह व विश्वजीत कुमार।
  • पेट्रोल-डीजल से इलेक्ट्रिक ऑटो में कन्वर्ट होने पर एक बार चार्ज करने से 100 किमी चलेगा वाहन

चार युवा कॉलेज में मिले, दोस्ती हुई। अपनी इनोवेटिव सोच के साथ एक हैकथॉन में भाग लिया, जहां इनकी टीम रनरअप रही। फिर यहीं से गढ़ी गई एक नए स्टार्टअप की कहानी। झारखंड के युवा अक्सर अपनी इनोवेटिव सोच व काम से समाज को सहूलियत पहुंचाने का काम करते रहे हैं।

इस श्रेणी में बहुत जल्द जमशेदपुर के सूर्य प्रताप सिंह-गौरव कुमार सिंह, रांची के पुलकित जैन और कोडरमा के विश्वजीत कुमार की टीम शामिल हो जाएगी। चार युवाओं की यह टीम इलेक्ट्रिक रेट्रो-फिट ऑटो के आइडिया पर काम कर रही है। इसके तहत पुराने डीजल व पेट्रोल वाली ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में कन्वर्ट किया जाएगा। इस स्टार्टअप के लिए प्रोटोटाइप तैयार हो चुका है। फिलहाल टीम सर्टिफिकेशन पर काम कर रही है।

सीआईटी रांची के इनक्यूबेशन सेंटर में हुई स्टार्टअप की शुरुआत

इस स्टार्टअप को कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) रांची के इनक्यूबेशन सेंटर में इनक्यूबेट किया गया है। इसके साथ ही एमएसएमई, एआईसीटीई, एसटीपीआई पुणे के मोशन इनक्यूबेटर, 36 इंक इनक्यूबेटर से सहयोग मिल रहा है।

एक ऑटाे में 40000 का खर्च

पुरानी पेट्रोल-डीजल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदलने में 35-40 हजार रुपए खर्च करने पड़ेंगे। पुराने ऑटो में इंधन व मेंटेनेंस का खर्च ज्यादा होता है, इससे बचत होगी। एक बार चार्ज करने पर 100 किलोमीटर से ज्यादा चलेगा। जितनी लोडिंग कैपेसिटी एक आम ऑटो में होती है, उतनी ही लोडिंग कैपेसिटी होगी। पॉल्यूशन में कमी होगी। बचत ज्यादा होगी तो भाड़ा कम हो सकता है।