टाटा जू अथॉरिटी की तैयारी:जयंती सरोवर के पास जू गेट होगा बंद, मार्च से मरीन ड्राइव से इंट्री

जमशेदपुरएक महीने पहले
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मंगलवार को अपने बाड़े में टहलता सफेद बाघ। - Dainik Bhaskar
मंगलवार को अपने बाड़े में टहलता सफेद बाघ।

टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टाटा जू) में नए साल से बड़ा बदलाव होगा। टाटा स्टील जूलॉजिकल सोसायटी के डायरेक्टर विपुल चक्रवर्ती ने सोमवार को बताया- चिड़ियाघर का मौजूदा मेन गेट मार्च-2022 से बंद कर दिया जाएगा और जुबिली पार्क की ओर से होने वाली इंट्री बंद हो जाएगी। जू में पर्यटकों को आने-जाने के लिए मरीन ड्राइव से एक्सएलआरआई हॉस्टल के पास गेट बनाया जा रहा है।

बदलाव के लिए सीजेडए से मिली मंजूरी

डायरेक्टर ने बताया- टाटा जू में बदलाव व विस्तार को लेकर मास्टर प्लान बनाया गया है। इसे सीजेडए (सेंट्रल जू अथॉरिटी) ने मंजूरी दे दी है। मास्टर प्लान के तहत 5 एकड़ में फैले इस जू की तस्वीर 2027 तक पूरी तरह बदल जाएगी। मेन इंट्रेंस के साथ ही जानवरों के बाड़े में भी बदलाव करने का नक्शा तैयार कर लिया गया है। मरीन ड्राइव के बगल में बाड़ा होने से बाघ-शेर को होने वाली परेशानी को देखते हुए जुस्को के हार्टिकल्चर में शिफ्ट किया जाएगा।

सेक्शन के आधार पर शिफ्ट होंगे जानवर

योजना के तहत अलग-अलग सेक्शन तैयार कर जानवरों को रखा जाएगा। जैसे बर्ड सेक्शन में केवल अलग-अलग प्रजाति के पक्षी ही रहेंगे। इसी तरह रेपटाइल्स सेक्शन में मगरमच्छ, घड़ियाल व इस प्रजाति के जंतु रखे जाएंगे। विभिन्न प्रजाति के सांपों के लिए भी अलग सेक्शन बनाए जाएंगे।

जू के अंदर आएगा गेट से सटे पार्क का हिस्सा

निदेशक के अनुसार, टाटा जू का मेन गेट मरीन ड्राइव पर होने के बाद वर्तमान मेन गेट से सटे पार्क का हिस्सा जू में शामिल कर लिया जाएगा। हालांकि जू के एरिया में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

15 साल बाद अफ्रीकन ग्रे-पैरोट ने किया प्रजनन, आए दो नए मेहमान

जू में अफ्रीकन ग्रे पैरोट (तोता) का जोड़ा कई कोशिशों के बाद भी प्रजनन नहीं करते थे। 15 साल बाद इस जोड़े ने प्रजनन किया और दो अंडे दिए। वर्तमान में दोनों नए मेहमान बड़े हो रहे हैं।​​​​​​​

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