पद्म पुरस्कारों की घोषणा:डायन बिसाही से प्रताड़ित 125 महिलाओं को न्याय दिलाने वाली सरायकेला की छुटनी को पद्मश्री, ससुराल वालों ने घर से निकाला तो छेड़ी जंग

सरायकेला9 महीने पहले
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  • 1995 में ससुरालवालों ने डायन बिसाही का आरोप लगाते हुए उन्हें घर से निकाल दिया
  • ससुरालवालों ने डायन बता घर से निकाला तो छेड़ी जंग

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे और गायक एसपी बालसुब्रमण्यम सहित सात लोगों को पद्म विभूषण पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं लोजपा के दिवंगत नेता रामबिलास पासवान सहित 10 को पद्मभूषण के लिए चुना गया है। 102 को पद्मश्री सम्मान मिलेगा। सरायकेला के बीरवांस की छुटनी देवी उर्फ छुटनी महतो को भी पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है। महज तीसरी कक्षा तक पढ़ी छुटनी देवी की शादी 1978 में गम्हरिया थाना क्षेत्र के महतानडीह में हुई थी। 1995 में ससुरालवालों ने डायन बिसाही का आरोप लगाते हुए उन्हें घर से निकाल दिया।

वहां से मायके लौटकर उन्होंने डायन बिसाही के खिलाफ जंग छेड़ दी। शुरुआत में उन्हें कई परेशानियां आईं। कई बार खतरों से भी सामाना हुआ। कम पढ़ी-लिखी होने के कारण वह हिंदी में भी ठीक से बोल नहीं पाती थीं। वर्ष 2000 से वह डायन बिसाही से प्रताड़ित महिलाओं के बीच जाकर काम करना शुरू किया। अब तक वह डायन बिसाही से प्रताड़ित 125 महिलाओं को न्याय दिला चुकी हैं। उनका पुनर्वास करवा चुकी हैं। इनमें चाईबासा के अलावा पूर्वी सिंहभूमि और चतरा जिले से संबंधित मामले भी हैं। अभी वह फ्री लीगल एड की सदस्य भी हैं और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनकी अलग पहचान है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि पद्मश्री मिलना बड़ी उपलब्धि है। इससे मेरी शक्ति बढ़ी है। आगे भी डायन बिसाही से प्रताड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए लड़ती रहूंगी।

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