मंडे पॉजिटिव:खेती से मिला पैसा, पहचान व सम्मान : विनय पाल

श्यामसुंदरपुर9 महीने पहले
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चंदनपुर के युवा किसान विनय पाल। - Dainik Bhaskar
चंदनपुर के युवा किसान विनय पाल।
  • बेहतर खेती कर इलाके के अन्य बेरोजगारों के लिए बने प्रेरणास्रोत

चंदनपुर पंचायत के युवा किसान विनय पाल खेती-किसानी की दुनिया में अलग पहचान स्थापित कर लिया है। 11 वर्ष पूर्व पढ़ाई छोड़ कर सब्जी की खेती करना शुरू किया था। विनय ने सबसे पहले बंधागोभी की खेती की। बंधागोभी के उपज बाजार तक पहुंचाने के बाद विनय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसने धीरे धीरे अन्य सब्जियों के खेती भी शुरू कर दी।

जिस समय युवा आर्थिक रूप से परिवार पर आश्रित होते है उस उम्र में भी विनय अपने पैर पर खड़ा हो चुका था। घर के खर्च में अपना योगदान देने लगा था। उसके इस मेहनत तथा लगन ने उन्हें चाकुलिया लक्ष्य महोत्सव, 2018 में युवा किसान के रूप पुरस्कार दिलाई थी।

यह पुरस्कार उन्हें झारखंड के महामहिम राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के हाथाें प्रदान किया गया था। उसके बाद उसे किसान क्रेडिट कार्ड भी मिली। विनय बताते हैं कि खेती ही से ही उन्हें पैसा, पहचान व सम्मान मिला। फिलहाल वे टमाटर की खेती कर रहे हैं। अपने खेत में सिंचाई के लिए टपक सिंचाई का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रखंड कृषि कार्यालय से शत प्रतिशत अनुदान में उसे पाइप उपलब्ध कराई गई थी। टपक सिंचाई में पानी के साथ साथ पैसे की भी बचत होती है।

टपक सिंचाई को प्रभावी बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली पॉलीथीन खेत के मिट्टी को ज्यादा अच्छा रखता है। खरपतवार से भी फसल को सुरक्षित रखता है। टमाटर के पौधों को लताड़ के रूप देने से थोड़ी लागत तो बढ़ती है परंतु पैदावार ज्यादा होती है। साथ ही टमाटर ज्यादा अच्छी रहती है।

इस प्रकार टमाटर की खेती करने से सामान्य विधि के खेती से डेढ़ गुना ज्यादा उपज प्राप्त होती है। उसने बताया कि वर्तमान में वह एकड़ भर जमीन पर एक के बाद दूसरी सब्जी की खेती कर सालाना एक लाख रुपए तक का उपार्जन कर लेता है।

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