बीमार व्यवस्था:93 चिकित्सकों के पद स्वीकृत, सिर्फ 34 डॉक्टर ही दे रहे सेवा

जामताड़ाएक महीने पहले
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सदर अस्पताल जामताड़ा। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल जामताड़ा।

जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल बुरा है। जिले में चिकित्सकों का 93 पद सृजित है जिसके विरुद्ध मात्र 34 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। बड़ी बात यह है कि चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय के द्वारा राज्य से पत्राचार भी किया गया है।

सिविल सर्जन कार्यालय की माने तो राज्य से इस बाबत पॉजिटिव रिस्पांस भी मिला है लेकिन वर्तमान में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों का जान हमेशा सांसत में बना रहता है।

सदर अस्पताल में फिर भी रोगियों का किसी तरह इलाज हो जाता है लेकिन चिकित्सकों का अभाव में सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रोगियों की स्थिति काफी गंभीर हो जाता है।जिले में सिर्फ चिकित्सकों की कमी नहीं है बल्कि चिकित्सा पदाधिकारी का भी कई पद रिक्त है।

नर्स करती हैं मरीजों का इलाज
जिले के जिन स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक नहीं है, वहां ए ग्रेड नर्स को प्रशिक्षित कर कम्युनिटी हेल्थ अफसर बनाकर डिपूट किया गया है ताकि छोटी मोटी बीमारी या किसी प्रकार का दुर्घटना होने से चोट लगने पर प्राथमिक इलाज स्वास्थ्य केंद्रों में किया जा सके।

जानकारी हो कि सिविल सर्जन कार्यालय के द्वारा अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग को पत्राचार कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग की गई है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत और खराब
जिले में सदर अस्पताल से भी बुरी हालत यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की है। इसे विडंबना ही कहेंगे जामताड़ा जिला का अत्यधिक घनत्व वाले इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, वहां तीन चिकित्सकों का पद सृजित है। इस पर एक भी चिकित्सक कार्यरत नहीं है। भगवान ना करे कभी सड़क दुर्घटना या आपातकाल में किसी रोगी को वहां ले जाना पड़े तो उस समय स्थिति भयावह ही कही जाएगी।

जामताड़ा प्रखंड में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 11 चिकित्सकों का पद स्वीकृत है जिसके विरुद्ध मात्र चार ही चिकित्सक कार्यरत हैं। नारायणपुर प्रखंड में 11 चिकित्सकों का पद सृजित है जिसके विरुद्ध मात्र 5 ही चिकित्सक कार्यरत हैं। नाला प्रखंड में 11 पद सृजित है। जिसके विरुद्ध 5 ही चिकित्सक कार्यरत हैं। कुंडहित प्रखंड में 17 पद सृजित हैं। जिसके विरुद्ध मात्र 11 चिकित्सक ही कार्यरत हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत और खराब
जिले में सदर अस्पताल से भी बुरी हालत यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की है। इसे विडंबना ही कहेंगे जामताड़ा जिला का अत्यधिक घनत्व वाले इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, वहां तीन चिकित्सकों का पद सृजित है।

इस पर एक भी चिकित्सक कार्यरत नहीं है। भगवान ना करे कभी सड़क दुर्घटना या आपातकाल में किसी रोगी को वहां ले जाना पड़े तो उस समय स्थिति भयावह ही कही जाएगी। जामताड़ा प्रखंड में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 11 चिकित्सकों का पद स्वीकृत है जिसके विरुद्ध मात्र चार ही चिकित्सक कार्यरत हैं।

नारायणपुर प्रखंड में 11 चिकित्सकों का पद सृजित है जिसके विरुद्ध मात्र 5 ही चिकित्सक कार्यरत हैं। नाला प्रखंड में 11 पद सृजित है। जिसके विरुद्ध 5 ही चिकित्सक कार्यरत हैं। कुंडहित प्रखंड में 17 पद सृजित हैं। जिसके विरुद्ध मात्र 11 चिकित्सक ही कार्यरत हैं।

सदर अस्पताल में इन डॉक्टरों की है जरुरत
सदर अस्पताल में नेत्र रोग सर्जन, पैथोलॉजिस्ट, फिजिशियन, सर्जन,मनोरोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, नेत्र सर्जन, फॉरेंसिक विशेषज्ञ के लिए एक एक चिकित्सक की मांग की गई है। साथ ही फिजीशियन,एनेस्थेटिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए दो दो चिकित्सकों की मांग की गई है। इसके साथ ही नाला में एनेस्थेटिक और महिला रोग विशेषज्ञ आदि की जरुरत है।

अभाव में भी चला रहे स्वास्थ्य व्यवस्था
जिले में चिकित्सकों की कमी है लेकिन रोगी इससे प्रभावित ना हो इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में ए ग्रेड नर्स को प्रशिक्षित कर सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी के रूप में स्वास्थ केन्द्र में डिपूट किया गया है। वे सर्जरी एवं असाध्य रोग को छोड़कर अन्य इलाज करने में सक्षम है। उन्हें इसके लिए प्रशिक्षित कर प्रमाण पत्र भी दिया गया है।”
डॉ सुरेंद्र कुमार मिश्रा, सिविल सर्जन

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