रफ्तार का कहर:जिले में अप्रैल और मई महीने में 63 प्रतिशत बढ़े रोड एक्सीडेंट

जामताड़ा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नियमों के ताख पर रखकर एक बाइक पर जाते चार लोग। - Dainik Bhaskar
नियमों के ताख पर रखकर एक बाइक पर जाते चार लोग।

प्रशासन और पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रफ्तार व बिना हेलमेट बाइक चलाने के कारण होने वाले सड़क हादसों में लोग अपनी जान गवां रहे हैं। इसमें ज्यादातर युवा शामिल हैं।

प्रशासन की कार्रवाई से बेफिक्र ये युवा भीड़भाड़ वाले रास्तों में तेज रफ्तार से बाइक चलाते हैं, वहीं हाइवे व मेन सड़क पर भी बिना हेल्मेट के देखे जा सकते हैं। एक या दो व्यक्ति तो दूर की बात कई बार तीन व्यक्ति या चार व्यक्ति भी एक बाइक पर सवार होकर चलते हैं।

आखिर क्यों ना हो हादसा ना हेलमेट ना लाइसेंस साथ ही साथ एक नहीं चार चार व्यक्ति सवार। जिले में पिछले तीन महीनों में सड़क दुर्घटना की संख्या काफी बढ़ी है।

बचने के लिए करें नियमों का पालन
एक्पर्ट बताते हैं कि सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण रफ ड्राइविंग होता है, इसलिए रफ ड्राइविंग से बचना चाहिए। वाहन में स्पीड गति लिमिटेड रखना चाहिए हेलमेट व अन्य सुरक्षा की पहनकर ही वाहन चलाना चाहिए। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को अभिभावक कभी भी वहां चलाने नहीं दे।

भीड़ भाड़ क्षेत्र में वाहन धीमे चलाएं स्पीड लिमिटेड का पालन करें। शराब पीकर व ट्रिपल लोड लेकर कभी भी वहां नहीं चला है। इन कुछ बिंदुओं का पालन करने पर अधिकतर रोड एक्सीडेंट से बचा जा सकता है।

मां बाप की लापरवाही भी बन रही कारण

मां बाप बच्चों को कम आयु में गाड़ी दिला दे रहे हैं। वह ना तो अपने बच्चे की परवाह करते हैं और ना ही खुद की। ऐसे अभिभावकों को भी सजग होने की जरूरत है। इन दुर्घटनाओं में देखा गया है कि कई बार चालक असंतुलित होकर कभी विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से टकराकर दुर्घटना का शिकार हो जाता है तो कई बार असंतुलन होकर चालक किसी पेड़ या नाली में गिर कर गंभीर रूप से घायल हो जाता है तो कई बार जान माल का नुकसान हो जाता है जिसमें हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हेड इंजरी होता ह।

वर्ष 2021 में 387 लोग हुए दुर्घटना के शिकार
मोटर राइडर्स एसोसिएशन के अनुसार जामताड़ा जिला में वर्ष 2020 में 194 लोग दुर्घटना के शिकार हो चुके थे। वहीं वर्ष 2021 में 387 लोग दुर्घटना के शिकार हो चुके थे। वहीं इस वर्ष 2022 के मार्च में 45 अप्रैल माह में 71 और मई महीने में आज तक 24 लोग अगर कुल योग देखे तो 140 लोग मात्र तीन महीने के अंदर दुर्घटना के शिकार बन चुके है। काफी तेजी से सड़क दुर्घटना के प्रतिशत में इजाफा हो रहा है।

कम उम्र में बच्चों को बाइक देने के कारण दुर्घटना की संख्या बढ़ी है। इसमें पूरी गलती अभिभावकों की है। प्रशासन द्वारा लगातार वाहन जांच अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है।”
अरविंद कुमार, पुलिस पदाधिकारी जामताड़ा​​​​​​​

खबरें और भी हैं...