भास्कर खास:जिले में बेहतर हुआ लिंग अनुपात, अब 1 हजार पुरुषों पर 996 महिलाएं

जामताड़ाएक महीने पहले
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वर्ष 2020-21 के लिए पांचवा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) का कार्य दो चरणों में किया गया था। सर्वेक्षण में जामताड़ा जिला के 948 हाउसहोल्ड, 1073 महिलाएं और 144 पुरुषों से आंकड़ा जुटाए गए थे।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर प्रजनन, शिशु और बाल मृत्यु दर, परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य, स्वास्थ्य और परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी प्रदान करता है। लोगों को उच्च स्तर का स्वास्थ सेवा मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा हर पांच साल पर किया जाता है।

इससे पहले 2015-16 में हुआ था सर्वेक्षण
इसके पूर्व वर्ष 2015-16 में इसका सर्वेक्षण किया गया था। गौर करने वाली बात यह है कि इस बार के सर्वेक्षण में स्कूल पूर्व की शिक्षा, विकलांगता, शौचालय सुविधा तक पहुंच, मृत्यु पंजीकरण, मासिक धर्म स्वच्छता, गर्भपात विधि और इसके कारण जैसे नए विषयों को भी जोड़ा गया है।

बताते चलें कि इस सर्वेक्षण को चार भागों में बांटा गया था पहला भाग हाउसहोल्ड, दूसरे भाग में महिलाएं, तीसरे भाग में पुरुष और चौथा बायोमार्कर। पहला भाग हाउसहोल्ड के सर्वेक्षण के क्रम में जामताड़ा जिले से जो आंकड़ा प्राप्त हुआ उसमें जिला के जनसंख्या में महिला पुरुष का अनुपात वर्ष 2015-16 में हुए सर्वेक्षण एनएफएचएस-4 से बेहतर दिख रहा है।

69 % महिलाएं अपना रहीं परिवार नियोजन
सर्वे के समय 15 से 49 वर्ष की शादीशुदा महिलाओं से जब परिवार नियोजन विधि अपनाने के बाबत जब पूछा गया तो जामताड़ा जिले की 69 प्रतिशत शादीशुदा महिलाओं ने वैवाहिक जीवन में परिवार नियोजन की विधि अपनाने की बात स्वीकारी है।

जबकि एनएफएचएस-4 के सर्वे में 44 प्रतिशत ही शादीशुदा महिलाओं ने कहा था कि वे वैवाहिक जीवन में परिवार नियोजन की विधि अपनाती हैं। इन दो सर्वे के बीच के समय में स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा महिलाओं के बीच परिवार नियोजन को ले जागरूकता फैलाने भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जन्म प्रमाण पत्र बनाने को लेकर आई जागरुकता
जिले में 1000 पुरुष पर 990 महिलाएं थी। वहीं 5 साल में यह बढ़कर 1000 पुरुष पर 996 महिलाएं हो गई है। वहीं बच्चों के जन्म में लड़का-लड़की के अनुपात में जरुर कुछ गिरावट आई है। जहां में 1000 मेल चाइल्ड पर 915 फीमेल चाइल्ड थी।

वर्ष 2015-16 से वर्ष 2020-21 तक में जन्में बच्चों का पंजीकरण देखा गया तो जहां केवल 53.3 प्रतिशत ही बच्चों का जन्म के साथ पंजीकरण हुआ था। वहीं यह बढ़कर इसबार ये बढ़कर 71.2 प्रतिशत हो गया है। ​​​​​​​

जामताड़ा में बढ़ी बिजली उपभोक्ताओं की संख्या
पांच सालों में बिजली का उपयोग करने वाले घरों की भी संख्या में इजाफा हुआ है।जहां वर्ष 2015-16 के एन एफ एच एस-4 के सर्वे में 89.5 प्रतिशत घरों में ही बिजली की सुविधा उपलब्ध थी।

वही 2020-21 के सर्वे में यह बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है। महिलाएं भी पहले से ज्यादा साक्षर हुई है। इस सर्वे के अनुसार जामताड़ा जिला में महिलाएं 53.3 प्रतिशत साक्षर हैं।

महिलाओं में गर्भधारण को लेकर आई जागरूकता
सर्वे में यह भी सामने आया कि 15 से 19 साल के विवाहितों में गर्भधारण को लेकर जागरूकता आई है। जामताड़ा जिले में जहां गर्भवती या फिर एक बच्चे की मां बन चुकी इस आयु वर्ग की शादीशुदा महिलाएं वर्ष 2015-16 में 17.5 प्रतिशत थी।

वहीं वर्ष 2020-21 के सर्वे में यह घटकर 14.9 प्रतिशत हो गई है। अंतर जरुर तीन प्रतिशत या कुछ अधिक का है।

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