जल जीवन योजना का प्रारंभ:शहर की तरह गांवाें में हाेगी वाटर सप्लाई, वर्ष 2024 तक घर-घर जल पहुंचाने का लक्ष्य

जामताड़ा4 महीने पहले
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जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक सभी गांवों के घरों में नल जल से जोड़ने पर काम निर्धारित किया गया है। गांव के लोग भी सप्लाई वाटर का इस्तेमाल कर पाएंगे। गांव में ग्रामीणों को गर्मियों में भी पानी की समस्या नहीं होगी प्रशासन ने सभी घरों में नल से अब पानी सप्लाई को लेकर काम किया जा रहा है। वहीं कल्याणकारी योजना से ग्रामीणों ने पानी की समस्या से निजात पाने की खुशी है। बताएं कि गर्मियों में अधिक तापमान बढ़ने पर जल की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

सुदूर इलाके के ग्रामीण जोरिया पर निर्भर होते थे। जबकि जल का स्तर नीचे की ओर जाने पर जल स्तर को रोकने के लिए जोरिया में डोभा बनाकर अपने दिनचर्या की व्यवस्था को पूरा करते है। ग्रामीण चांदो हेंब्रम ने कहा कि गांव में पानी की समस्या से सभी लोग चिंतित रहते थे। वहीं गर्मियों में अधिक तापमान बढ़ जाने पर गांव के सभी तालाब, कुआं, चापाकल में पानी का जलस्तर नीचे चला जाता है।

जिससे जानवरों एवं घर के कार्य के लिए एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। जबकी जल जीवन मिशन के तहत अगर प्रत्येक घरों में नल से पानी की सप्लाई होगी तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन जल्द से जल्द ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति योजना को पूर्ण करें।

ऐसे जानिए, किस प्रखंड में कितने घराें में पानी पहुंचाने का लक्ष्य

  • करमाटांड़ 146 गांव 21046 घरों में लक्ष्य निर्धारित, कास्ता एवं धोबोना 27 गांव 2829 घरों में लक्ष्य निर्धारित, बीकमपुर एवं मुराबेरिया 17 गांव 2705 घरों में लक्ष्य निर्धारित, गेरीया 33 गांव 4557 घरों में लक्ष्य निर्धारित, पहाड़गोरा एवं मुर्गाबनी 25 गांव 331 घरों में लक्ष्य निर्धारित
  • कुंडहित प्रखंड में कुंडहित 1बी 7 गांव 1541 घरों में लक्ष्य निर्धारित, कुंडहित 2सी 16 गांव 1683 घरों में लक्ष्य निर्धारित
  • फतेहपुर 3सी 16 गांव 1496 घरों में लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कल्याणकारी योजनाओं को लेकर ग्रामीणों में खुशी

प्राकृतिक स्रोतों पर नहीं होना पड़ेगा निर्भर। ग्रामीणों को अपने जाल माल एवं घरेलू उपयोग के लिए प्रकृति स्रोतों का इस्तेमाल वर्षों से कर रहे है। वहीं अधिक तापमान बढ़ने पर इन स्रोतों का जलस्तर काफी नीचे चले जाने की वजह से सुखा की स्थिति होने लगती है। लेकिन प्रशासन की कल्याणकारी योजनाओं को लेकर ग्रामीणों में खुशी है। गांव को भी अब शहर की तरह व्यवस्था पूर्ण करने को लेकर काम किया जा रहा है। प्रशासन की और से गांवों को विकास पूर्व बनाने का कार्य जोरों पर किया जा रहा है।

^वर्ष 2024 तक जिले के सभी पंचायतों के घरों तक नल से वाटर सप्लाई देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 3 प्रखंडों में जल जीवन मिशन के तहत कार्य प्रगति पर है। सभी गांवों के घरों को नल जल से जोड़ा जाएगा। राहुल प्रियदर्शी कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वास्थ्य प्रमंडल, जामताड़ा

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