स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया:चंदवा में स्क्रैप ढुलाई के विरोध में कर्मियों और विस्थापित ग्रामीणों ने किया हंगामा

चंदवा2 महीने पहले
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विरोध जताते कर्मी और विस्थापित ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
विरोध जताते कर्मी और विस्थापित ग्रामीण।

मंगलवार की सुबह चकला पंचायत अंतर्गत बाना गांव में बंद पड़े अभिजीत पावर प्लांट परिसर के बाहर मैन पावर कर्मियों व विस्थापित स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। वे लोग प्लांट परिसर से अंधाधुन तरीके से स्क्रैप की ढुलाई का विरोध कर रहे थे।

लोगों ने कहा कि इस प्लांट पर हम लोगों का सपना बसता था। हम लोगों ने अपनी जमीन कौड़ी के भाव कंपनी को दे दी। मैनपावर कर्मचारियों का करीब 75 फीसदी वेतन मद में राशि बकाया है। वही 2012 से अब तक पीएफ की राशि भी हमें नहीं मिली है। लोगों ने कहा कि हम गांव वासियों को कुछ भी नहीं मिला। हमारी जमीन भी चली गई। हमारी नौकरी भी चली गई। बदले में हमें काम करने के एवज में पैसे भी नहीं मिले। इस दौरान लोग मैनपावर कर्मचारी संघ जिंदाबाद एवं स्क्रैप उठाने वाली कंपनी मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।

प्लांट परिसर के भीतर जाकर स्क्रैप उठाव कार्य बंद कर आना चाह रहे थे। सूचना के बाद बालूमाथ इंस्पेक्टर शशी रंजन, बालूमाथ थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद, चंदवा एएसआई नारायण यादव, भीम कुमार समेत अन्य पुलिस बल यहां पहुंचे।

लोगों से वार्ता की। लोगों ने कहा कि यहां गलत तरीके से स्क्रैप का उठाव किया जा रहा है। लिक्विडेटर कंपनी के कोई भी कर्मी यहां नहीं है। स्क्रैप उठाव करने वाले लोग कहीं से भी कोई भी सामान उठाकर ले जा रहे हैं। 93 करोड़ के एवज में अब तक करीब 200 करोड़ का माल उठ चुका है। अगर लिक्विडेटर कंपनी सही है तो उसके कंपनी के लोग यहां क्यों नहीं रहते। लोगों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के द्वारा एनसीएलटी कोर्ट को धोखे में रखा गया है। मेन कर्मियों का बकाया, विस्थापितों का बकाया, छोटे ठेकेदारों का बकाया समेत अन्य लोगो की देनदारी बाकी है। लिक्विडेशन के समय इसे भी क्यों जोड़ी नहीं गई। परी समान कंपनी को यहां सर्वे के बाद ग्रामसभा के माध्यम से बैठक कर पूरी स्थिति का जायजा लेना चाहिए था, पर कंपनी ने ऐसा कुछ नहीं किया।

स्थानीय लोगों का हक मारा जा रहा है। उन लोगों ने स्पष्ट कहा कि भूमि अधिग्रहण पुनर्वास नीति 2013 के तर्ज पर उद्योग न लगाने की स्थिति में भूमि को वापस करने विस्थापितों को विस्थापन का लाभ देने प्लांट में मेन पावर कंपनी के लोग बकायदा संवेदक को बकाया राशि देने की मांग भी की। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता में कोई हल नहीं निकला। इसके बाद स्क्रैपर कंपनी के प्रतिनिधि के साथ ग्रामीणों की वार्ता हुई। इसमें बैठक कर सभी बिंदुओं पर चर्चा कर सहमति बनाने की बात कही गई। इस दौरान लोगों ने मेन गेट से एक भी स्क्रैप लदे वाहन को निकलने नहीं दिया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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